साधन सहकारी समितियों पर ताला लटकने से खाद की किल्लत बढ़ गई है। खाद न मिलने से जिले के करीब पांच लाख किसान परेशान हैं। खाद उपलब्धता के नाम पर कृषि और सहकारिता विभाग जांच-पड़ताल तक सीमित रह गया है। मजबूरी में किसानों को यूरिया और डीएपी के लिए निजी दुकानों की ओर रुख करना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक पहले धान की रोपाई करने के लिए पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है, फिर खाद के लिए कतार लगानी पड़ रही है।
जिले में 173 साधन सहकारी समिति है। करीब पांच लाख किसानों ने 1.33 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की रोपाई की है। मगर, मांग के अनुसार समितियों पर डीएपी और यूरिया उपलब्ध नहीं है। वहीं, किसानों को धान की रोपाई के बाद खाद के लिए भटकना पड़ रहा है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. एनके सिंह के अनुसार धान रोपाई के बाद पौधों के विकास के लिए यूरिया और जिंक की आवश्यकता होती है। यूरिया नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है, जो पौधों की वृद्धि और विकास में है। जबकि जिंक पौधों को खैरा रोग से बचाने में मदद करता है। रोपाई के 20 से 25 दिन बाद यूरिया की आवश्यकता होती है।
किसानों ने बताया कि समितियों में खाद न होने की वजह से निजी दुकानदार मनमाने दाम में खाद बेच रहे हैं। 266 रुपये में मिलने वाली यूरिया 400 रुपये में बेची जा रही है।
ड्यूटी लगी, लेकिन समिति खुलने का समय निर्धारित नहीं
समिति का संचालन करने के लिए सचिव और राजस्व लेखपाल की ड्यूटी लगाई गई है। नोडल अधिकारियों की भी तैनाती की गई है, लेकिन समिति खुलने का समय निश्चित नहीं है। किसानों का आरोप है कि समिति के सचिव अपनी सुविधा अनुसार खाद का वितरण करते हैं। अपने चहेतों को निर्धारित समय पर बुलाकर खाद उपलब्ध करा देते हैं। सचिवों की अनियमितता से किसानों को नुकसान हो रहा है।
कंट्रोल रूम में करें शिकायत
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि समितियों पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। उर्वरक न मिलने पर किसान कंट्रोल रूम नंबर 7839882339 और 8317016264 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उनकी समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
खाद उपलब्धता की स्थिति
खाद बिक्री बफर
यूरिया- 215605- 3071.93
डीएपी- 260.87- 2150.25
एनपीके- 2261.34- 1476.40
एमओपी-145.61- 120.75
एसएसपी- 264.53- 88
कुल बिक्री- 26,837.93 मीट्रिक टन
कुल बफर स्टॉक-6,907.33 मीट्रिक टन