चुनाव हो या आम दिन अब शस्त्र जमा करने वालों को थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी। उन्हें पहले ट्रेजरी चालान जमा करना होगा। इसके बाद ही वह उसी तिथि में अपना शस्त्र असलहों की दुकानों पर जमा कर सकेंगे।
हर्ष फायरिंग समेत अन्य वारदातों मेें लाइसेंसी असलहों के इस्तेमाल को संज्ञान में लेते हुए सरकार ने सख्ती दिखाते हुए आदेश जारी किया है। घटनाओं के बाद भी लोग बैक डेट में दुकानों पर असलहे जमा कर देते थे। अब ऐसा नहीं हो सकेगा। सरकार के आदेश पर अब जिले की 15 दुकानों पर लाइसेंसी असलहे तभी जमा होंगे, जब सौ रुपये का चालान लाइसेंस धारक संबंधित बैंक में जमा कराएंगे।
शस्त्र लाइसेंस धारक को चालान फार्म 43 ए एचबी का प्रयोग करना होगा। खास बात यह है कि जिस डेट में चालान जमा होगा, उसी तिथि में असलहा भी दुकान या कोतवाली में जमा करना होगा। ऐसा न करने वाले लोगों को दोबारा चालान जमा करना पड़ेगा। इसका कड़ाई से पालन कराने के लिए जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने असलहा दुकानदारों को निर्देश दिया है।
दुकानदार भी जिला प्रशासन के आदेश का पालन करते हुए शस्त्र लाइसेंसधारकों को चालान साथ लेकर आने के लिए बोल रहे हैं। चालान जमा करने के अलावा लोगों को दुकानदार को भी शस्त्र रखने के लिए शुल्क देना होगा।