हादसे के बाद गोयल रेजीडेंसी से लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी और मोर्चरी तक हाहाकार मचा रहा। पूरे शहर में अफरातफरी रही। चीखपुकार से माहौल असहनीय वेदना से भर गया। मृतकों के परिजनों की चीत्कार और उनकी बदहवासी देख हजारों आंखें नम हो गईं। खबर मिलते ही लोग घटना स्थल और अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। अस्पताल से लेकर गोयल रेजीडेंसी तक भागम भाग मची रही। मरने वालों की तादाद जानने के लिए हर कोई परेशान रहा। मृतकों की संख्या सुनने के बाद ऐसा लगा रहा था मानो वज्रपात हो गया हो।
गोयल रेजीडेंसी में हुई घटना के बाद मौतों की मनहूस खबर शहर में फैली तो लोगों होश उड़ गए। होटल में मौत का तांडव देख सभी की आंखे पथरा गईं। जान बचाने के लिए छत से कूदे लोगों को लहूलुहान देख लोग अवाक रह गए। हर कोई घटना को लेकर परेशान व हैरान रहा। गोयल रेजीडेंसी से जिला अस्पताल की इमरजेंसी और मोर्चरी तक लोग दौड़ते रहे। मृतकों के परिजनों का रुदन देखकर सबका कलेजा दहल गया। अमर उजाला कर्मी मृतक मनोज शर्मा की पत्नी ममता संग पहुंचे परिजन व सगे संबंधियों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मनोज के मिलनसार स्वभाव और हमेशा हंसने वाले चेहरे को यादकर सभी बिलखते रहे। नारंगपुर पट्टी निवासी मृतक बृजेश कुमार की मां गीता देवी भी परिजनों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गईं। दर्जनों महिलाओं संग पहुंची उसकी मां सीना पीट-पीट कर रोते हुए बदहवास हो गई। साथ रही युवती मंजू देवी का भी रो-रो कर बुरा हाल था। रोते-रोते मंजू बेहोश हो गई।