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बंद गोदाम में लगी आग, युवक की मौत

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गोदाम में आग लगने से मृत युवक गौरव भारती। - फोटो : PRATAPGARH
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संदिग्ध हालत में शनिवार भोर को बिस्किट-नमकीन के गोदाम में आग लग गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गोदाम में आग बुझाने के दौरान एक युवक का शव मिला। जिसे लेकर लोग जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने व्यापारी पिता-पुत्रों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। कारोबारी को पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद गोदाम में अपना ताला लगा दिया।
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नगर कोतवाली के धर्मशाला वार्ड सिप्तैन रोड निवासी रामलाल जायसवाल बिस्किट-टॉफी व नमकीन के थोक कारोबारी हैं। उन्होंने पड़ाव वार्ड रामलीला मैदान के करीब मकान बनवा रखा है। जिसे गोदाम के रूप में प्रयोग करते थे। शनिवार भोर में गोदाम के भीतर से आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग परेशान हो उठे। लोगों ने जानकारी रामलाल के बेटे संजय को दी। कुछ देर में संजय व उसके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई।
मकान के हर दरवाजे पर ताला बंद था। रोशनदान से धुआं बाहर निकल रहा था। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी खिड़की तोड़कर आग बुझाने लगे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक लाखों रुपये के बिस्किट, नमकीन, टाफी समेत अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। छानबीन के दौरान गोदाम के भीतर एक युवक मृत मिला।
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आनन-फानन में लोगों ने उसे बाहर निकाला। पुलिस की मौजूदगी में युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद उसकी पहचान पड़ाव वार्ड के ही रहने वाले गौरव भारती (35) पुत्र रमाशंकर के रूप में हुई।
सामान उतरवाया फिर गोदाम के भीतर गौरव को बंदकर चले गए
नगर कोतवाली के धर्मशाला वार्ड सिप्तैन रोड स्थित बिस्किट-टॉफी व नमकीन के गोदाम में आग लगने से हड़कंप मच गया। गोदाम में मृत मिले गौरव भारती (35) के परिजनों को खबर मिली तो वे रोते बिलखते पहुंचेे। मृतक के भतीजे प्रशांत कुमार ने पुलिस को तहरीर दी कि व्यापारी रामलाल व उसके बेटे संजय और पिंटू अक्सर गौरव को काम कराने के लिए अपने गोदाम में ले जाते थे। शुक्रवार को भी उसे काम कराने के लिए बुलाकर ले गए थे। वाहन से गोदाम में सामान उतरवाया।
इसके बाद उसे गोदाम के भीतर बंद कर चले गए। व्यापारी व उसके पुत्रों की लापरवाही के चलते गौरव की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी ने मकान में बने गोदाम में अपना ताला बंद कर दिया। कोतवाल ने बताया कि व्यापारी व उसके बेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की छानबीन की जा रही है।
इकलौते बेटे की लाश देखते ही बेहोश हो गई मां
मृतक गौरव अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। उसकी शादी सीमा के साथ हुई थी, लेकिन कुछ साल पहले वह उससे अलग रहने लगी। बड़ी बेटी टिशा अपने पिता व दादी के साथ रहती है। जबकि छोटी बेटी दिशा अपने ननिहाल में रहती है। इकलौते बेटे का शव घर पहुंचते ही गौरव की मां प्रमिला बेहोश हो गई।
सामान हटाने के लिए बुला लिया था वाहन
निर्माणाधीन मकान के एक हिस्से को ही व्यापारी पुत्र संजय व पिंटू ने गोदाम बना रखा था। आग से जले व बचे सामानों को बाहर निकाला गया था। सामान हटाने के लिए वाहन भी बुला लिए गए। संजय के बेटे यश व उसके साथी जले सामानों को वाहन में लादने की तैयारी करने लगे। तभी मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और सामान ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद यश सामान की रखवाली करने लगा।
मकान को बना रखा था गोदाम, नहीं था बिजली का कनेक्शन
सिप्तैन रोड निवासी रामलाल जायसवाल की रामलाल ट्रेडर्स नाम बिस्किट व नमकीन का थोक व्यापारी है। गोदाम से सामान डेरवा, लालगंज, पट्टी समेत दूर दराज इलाकों में भेजा जाता था। निर्माणाधीन मकान में बिजली का कनेक्शन नहीं था। ऐसे में शार्ट सर्किट से आग लगने से रही। मकान को गोदाम के रूप में प्रयोग किया जा रहा था। जिसकी जानकारी आसपास के लोगों को ही थी लेकिन वाणिज्य कर विभाग इससे अंजान था। चर्चाओं की मानें तो रात भर सामान उतारा व लादा जाता था।
आखिर गोदाम में कैसे लगी आग, बंद मकान के भीतर कैसे पहुंचा गौरव
नगर कोतवाली के पड़ाव वार्ड में रामलाल का मकान है। जिसे गोदाम बना रखा है। गोदाम के सभी कमरों में बिस्किट, नमकीन समेत अन्य खाने पीने की सामग्री को स्टोर किया जाता था। गोदाम में शनिवार भोर में आग कैसे लग गई, यह कोई नहीं बता पा रहा है। दरवाजों पर ताला बंद था। भीतर कोई आ-जा नहीं सकता था। फिर गौरव भीतर कैसे पहुंचा।
कोई बाहर से भीतर नहीं घुस सकता था। जब तक दरवाजा न खुले। फिलहाल आग लगने से लेकर गौरव के गोदाम के भीतर पहुंचने को लेकर कोई कुछ बता नहीं पा रहा है। जबकि संजय का कहना था कि वह रोशनदान के रास्ते भीतर घुसा होगा। उसकी जेब में लाइटर मिला था। हो सकता है उसने ही उजाले के लिए लाइटर जलाया हो और आग लग गई हो।
दम घुटने से हुई थी गौरव की मौत
गोदाम में लगी आग के बाद भीतर गत्ते पर मृत पड़े गौरव भारतीय की मौत दम घुटने से हुई है। पोस्टमार्टम के दौरान उसकी सांस की नली में धुआं भरा मिला।

नगर कोतवाली के पड़ाव वार्ड में संदिग्ध दशा में गोदाम में आग लगने से जलकर मृत युवक के दुखी परिजन।- फोटो : PRATAPGARH

नगर कोतवाली के पड़ाव वार्ड में संदिग्ध दशा में गोदाम में आग लगने से जला सामान।- फोटो : PRATAPGARH

नगर कोतवाली के पड़ाव वार्ड में संदिग्ध दशा में आग लगने से गोदाम में जले सामान।- फोटो : PRATAPGARH

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