घटना के चलते दो घंटे तक लगा रहा जाम
लपटों ने देखते ही देखते आतिशबाज सगीर के घर को भी अपने आगोश में ले लिया। उसके घर में रखे पटाखों में विस्फोट शुरू हो गया। पटाखों के विस्फोट से भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। आसपास के मकान को खाली करा लिया गया। इस बीच आग की चपेट में आने से नजमा बानो (38), शहनाज (30), साजिया (14), जिया (05) और मजदूर राजेश (40) झुलस गए। सभी लोगों को मेडिकल कॉलेज लाया गया।
हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें प्रयागराज रेफर कर दिया। उधर, सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के तीन टैंकर व सीआरपीएफ त्रिसुंडी के जवान आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। इस दौरान हाईवे पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घटना की जानकारी के बाद अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रताप सिंह व सीओ सिटी अभय पांडेय मौके पर पहुंचे। एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। झुलसे लोगों को उपचार के लिए भेजा गया है। घटना की जांच कराई जाएगी। यदि मकान के भीतर पटाखे डंप रहे होंगे तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होगी।