पुरानी किताबों से पढ़ते बच्चे।
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सोमवार को जांच के लिए पहुंचे अफसरों ने किताबें जब्त कर ली थीं। हालांकि मंगलवार को जब एक बार फिर अफसर पहुंचे तो दुकानदार दुकान में ताला लगाकर फरार हो चुका था। दुकानदार की खोजबीन की जा रही है। बीएसए दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि दुकान के बगल स्थित प्राइवेट इंटर कॉलेज में छह से आठवीं कक्षा के बच्चों ने भी सरकारी पुस्तकें खरीदी है।
गौरा के रामापुर बाजार में मधवापुर मार्ग पर स्थित प्राइवेट बुक डिपो पर सरकारी पुस्तक बिकने के मामले का खुलासा होने पर विभाग हरकत में आ गया है। खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय सत्य प्रकाश जायसवाल के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को एक बार फिर पहुंचे और मामले के तह तक जाने का प्रयास किया। जांच अधिकारी सत्य प्रकाश जायसवाल ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में नि:शुल्क वितरण के लिए आई पुस्तकों को प्राइवेट दुकानों पर बेचने की बात सही मिली है। उन्होंने बताया कि बगल में एक प्राइवेट स्कूल में जाकर बच्चों के पास उपलब्ध पुस्तक के बाबत पूछने पर बच्चों ने बताया कि उन्होंने उसी दुकान से किताब खरीदी हैं। जांच अधिकारी ने बच्चों से एक पुस्तक भी प्राप्त की है। सवाल यह उठता है कि सरकारी पुस्तक प्राइवेट दुकानों तक कैसी पहुंची है। फिलहाल विभाग अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाया है। हालांकि दुकान में ताला लगाकर दुकानदार फरार है। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि जांच में खामी मिली है, जल्द ही दुकानदार और इसमें संलिप्त शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।