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Pratapgarh News: मासूम की मौत के मामले में तीन दिन बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआईआर

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बहरिया के संविलियन विद्यालय धमौर में बुधवार को लोहे का गेट के गिरने से हुई छह वर्षीय ईशू पाल के मामले में तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। जबकि सीडीओ हर्षिका सिंह ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का सख्त आदेश दिया है। इसके बाद भी जिम्मेदारों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई।
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बता दें कि धमौर निवासी मनोज पाल अपने 6 वर्षीय बेटे ईशू पाल के साथ शौच के लिए गए थे। लौटने पर मनोज पाल संविलियन विद्यालय धमौर में लगे हैंड पंप पर हाथ धो रहे थे। इसी समय ईशू पाल विद्यालय के लोहे के गेट को पकड़ कर खेलने लगा। तभी विद्यालय का गेट गिर गया और ईशू पाल की दबकर मौत हो गई।
आननफानन में अधिकारियों ने प्रधानाध्यापक राम आधार और सचिव बाल कृष्णा पाठक को निलंबित कर दिया। मामले में सीडीओ ने डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया लेकिन तीन दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। डीपीआरओ के आदेश पर बुधवार को ही एडीओ पंचायत बहरिया रविदत्त मिश्रा थाने पर गए और रात 10 बजे तक बैठे रहे लेकिन पुलिस को तहरीर नहीं दी। मंगलवार को फिर एडीओ पंचायत थाने गए और थाना अध्यक्ष से बात की। थाना अध्यक्ष ब्रजेश सिंह ने कहा कि तहरीर मांगने जांच कर तहरीर देने की बात कह कर एडीओ पंचायत निकाल गए।
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शपथ पत्र देकर कार्रवाई न किए जाने की मांग सवाल के घेरे में
ईशू पाल की मौत के बाद पिता मनोज पाल का वीडियो सोशल मीडिया पर उसी दिन वायरल होने लगा। जिसमें वह अपील कर रहे थे कि मैं कोई कार्रवाई नहीं चाहता हूं। आश्चर्य कब हुआ जब मनोज पाल ने बृहस्पतिवार को जिला अधिकारी को शपथ पत्र देकर बताया कि घटना के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है हमारा कर्म ही खराब था। अराजकतत्वों ने गेट को तोड़ दिया था जिससे मेरे बच्चे की मौत हो गई। अब लोग यह सवाल कर रहे हैं कि मासूम बेटे की मौत के तुरंत बाद ही एक पिता इस प्रकार के बयान किसके दबाव में दे रहा है।
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