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कुपोषित बच्चों के साथ खिलवाड़

Mon, 04 May 2015 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़। जिले के कुपोषित बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराए गए छह बच्चे रातभर भी नहीं रुके। रात में ही परिजन उन्हें लेकर घर चले गए। बचाव में विभागीय अफसरों ने बच्चों को भर्ती कराकर महज खानापूर्ति की।
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बाल विकास विभाग की मासिक प्रगति रिपोर्ट में करीब 56 हजार कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों से संबंधित खबर ‘अमर उजाला’ ने शनिवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। डीएम अमृत त्रिपाठी ने डीपीओ को फटकार लगाई तो विभाग सकते में आ गया। आननफानन में खुद के बचाव में करीब दो दर्जन कुपोषित बच्चों को उनके परिजनों के साथ पोषण पुनर्वास केन्द्र लाया गया। बेड खाली न होने की वजह से छह बच्चों को भर्ती कराने के बाद सीडीपीओ चली गईं। रात में ही बच्चों को लेकर उनके परिजन घर चले गए।

बच्चों का यहां रातभर भी ठीक से देखरेख नहीं हो सका। बताया जाता है कि गंदगी से परिजन बच्चों को लेकर चले गए। ऐसे में इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाल विकास विभाग कुपोषित बच्चों के प्रति कितना गंभीर है। जाहिर है कि डीएम के दबाव में अधिकारियों ने जबरन उन बच्चों को यहां भर्ती कराया। इस बाबत डीपीओ डॉ. आरती सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन नहीं उठा।  गौर करने वाली बात यह है कि पोषण पुनर्वास केंद्र के हर कोने में गंदगी का अंबार है। केन्द्र में बच्चों को भर्ती कराने वाली फूलवासा शर्मा और पूनम पांडेय ने बताया कि वह कई दिन से बच्चों के साथ वहां हैं। पोछा तो दूर की बात किसी भी दिन यहां झाड़ू तक नहीं लगाई गई। इससे सफाई व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन के दावे की भी हवा निकल रही है।
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पोषण पुनर्वास केन्द्र की सफाई के लिए सीएमओ को सफाईकर्मी नियुक्त करना है। अस्पताल के सफाई कर्मचारियों से सफाई कराई जाती है। गंदगी है तो सफाई करा दी जाएगी। काम रहा होगा जिससे परिजन बगैर डिस्चार्ज के बच्चों को लेकर चले गए। इस बारे में पूरी जानकारी करने के बाद ही कुछ कह सकते हैं।
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डॉ. एसी त्रिपाठी, सीएमएस, जिला अस्पताल
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