हरितालिका तीज पर बेलखरनाथ शिवधाम पर महिलाओं की भीड़ भोर से ही दर्शन पूजन के लिए उमड़ पड़ी। सुहागिन महिलाओं द्वारा अक्षय सुहाग की कामना से निर्जला व्रत रख कर शक्ति व शिव की उपासना की प्रथा आदि काल से चली आ रही है। यही कारण रहा कि बेलखरनाथ धाम पर सुहागिन महिलाओं का भोर से ही तांता लग गया। व्यास लालबिहारी ओझा ने बताया कि हरितालिका तीज का त्योहार रविवार को होने के कारण विशेष फलदायी है।
इसमें सुहागिनें निर्जला व्रत रखकर देवी जी व शिवजी की उपासना व आरधना करती हैं। इस त्योहार के अवसर पर चंद्र दर्शन न करने की सलाह महिलाओं को दी गई, क्योंकि गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू होने के कारण इससे मना किया गया। धाम सेवा समिति के अध्यक्ष रमानाथ सिंह ने बताया कि सावन मास के बाद यह सबसे बड़ा पर्व शिव आराधना का है।