उर्वरक के थोक विक्रेताओं की लागत बढ़ती जा रही है। इससे फुटकर दुकानदारों का नुकसान हो रहा है। विरोध में शनिवार को दुकान बंद कर दुकानदारों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को चार सूत्रीय मांग पत्र भेजा।
एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजकुमार मिश्र और महामंत्री राजेश केसरवानी ने एसडीएम सदर नैंसी सिंह को ज्ञापन देते हुए कहा कि उर्वरक बनाने वाली कंपनियां 242 से 246 रुपये की बिलिंग कर रही हैं। थोक विक्रेता को चार से पांच रुपये प्रति बोरी ढुलाई का दिया जा रहा है। ढुलाई के लिए 30 से 40 रुपये प्रति बोरी खर्च होता है। इसके अतिरिक्त लोडिंग व अनलोडिंग का भी 10 रुपये प्रति बोरी लिया जा रहा है।
इससे थोक विक्रेताओं की लागत बढ़ रही है और फुटकर दुकानदारों का नुकसान हो रहा है। दुकानदारों का कहना है कि मांग पत्र में उर्वरक कंपनियां थोक विक्रेताओं को जबरन टैगिंग बंद करने, पुराने किराये को मौजूदा किराये में परिवर्तित करने, फुटकर दुकानदारों की मार्जिन बढ़ाने एवं जिले के रैक प्वाइंट के उपयोग के लिए कंपनियों को आदेशित करना शामिल है। इस मौके पर मोहम्मद असगर, शिवकुमार गुप्ता, सियाराम पटेल, लव कुमार, गंगाराम मौर्य व लालबाबू मौजूद रहे।