बिजली व्यवस्था को और बेहतर बनाने की तैयारी में निगम जुट गया है। चार डिवीजनों में डेढ़ करोड़ की लागत से आठ नए फीडर बनाए जाने की स्वीकृति मिल गई है।
जिले में रानीगंज, कुंडा, लालगंज और सदर चार डिवीजन हैं। इन डिविजनों से संबद्ध 65 विद्युत उपकेंद्र हैं। शहर में 24 घंटे और गांव में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है, मगर गर्मी में ओवरलोड के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर जाती है। आए दिन ब्रेकडाउन व फीडर फुंकने की समस्या से आपूर्ति बाधित हो रही है।
चारों डिवीजन में कुल 254 फीडर हैं लेकिन इनमें आठ फीडर ऐसे हैं, जिन पर आए दिन समस्या रहती है। निगम के सर्वे में सदर डिवीजन में एक, लालगंज में तीन व कुंडा में चार फीडर ओवरलोड मिले। फीडर के भार को कम करने के लिए आठ नए फीडर बनाए जाने की अनुमति मिल गई है।
इन फीडरों का होगा विस्तार
कुंडा डिवीजन के उमरी कोटिया फीडर के लिए 28.48 लाख, सकदहा 16.02 लाख, जहानाबाद 17.88 लाख, संग्रामगढ़ फीडर के लिए 21.36 लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। सदर डिवीजन के बाबागंज फीडर के लिए 7.13 लाख रुपये, लालगंज डिवीजन के सांगीपुर उपकेंद्र के अठेहा फीडर के लिए 9.45 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इसी उपकेंद्र के राजापुर कुंभी 12.45 लाख रुपये, मोहनगंज फीडर के लिए 9.45 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
20 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
आठ नए फीडरों का विस्तार होने पर तकरीबन 20 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। फीडरों के विस्तार हो जाने पर आपूर्ति व्यवस्था बेहतर हो जाएगी। इससे लोगों को समय पर बिजली की आपूर्ति हो सकेगी।
फीडरों के विस्तार के लिए बजट की स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। इससे बिजली व्यवस्था और बेहतर होगी।
छैल बिहारी, अधीक्षण अभियंता