रानीगंज विद्युत उपकेंद्र का फीडर गुरुवार आधी रात फुंक गया। इससे पूरे उपकेंद्र से जुडे़ गांवों की बिजली गुल हो गई। इसकी जानकारी उपकेंद्र के जेई व लाइनमैन को थी, मगर इसके बाद भी दोपहर में फीडर का कार्य शुरू हुआ। इससे दिनभर दर्जनों गांवों के लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल रहे।
रानीगंज क्षेत्र के खाखापुर विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के दर्जनों गांव जुड़े हैं।
उपकेंद्र का फीडर गुरुवार आधी रात को फुंक गया। इससे पूरे उपकेंद्र की बिजली ठप हो गई। इससे क्षेत्र के रामापुर तिवरान, थरिया, सुल्तानपुर, भवानीगढ़, बिरईपुर, डिघवट, सुजहा सहित दर्जनों गांवों में रातभर अंधेरा छाया रहा। शिकायत पर उपकेंद्र के जेई ने सुबह फीडर की मरम्मत की बात कही थी, मगर कार्य नहीं शुरू हो सका। दोपहर करीब दो बजे मरम्मत कार्य शुरू हुआ। शाम करीब पांच बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद लोकल फाल्ट की दिक्कत आ गई। ऐसे में शाम छह बजे तक आपूर्ति बाधित रही। विभाग की लापरवाही के चलते दिनभर लोगों को बिजली नहीं मिल सकी। इसे लेकर लोगों में आक्रोश रहा। जेई साधूराम ने बताया कि फीडर का कार्य सुबह से ही शुरू हो गया था। शाम पांच बजे के बाद आपूर्ति बहाल हो गई थी।
गर्मी से राहत नहीं, तल्ख धूप से छूटा पसीना
लगातार दो दिनों की बारिश के बाद भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिली। शुक्रवार को तल्ख धूप के बीच उमसभरी गर्मी ने सितम ढहाया। लोग पसीने से तरबतर रहे। पंखे व कूलर की हवा से भी लोगों को राहत नहीं मिली। शहर से लेकर गांव तक गर्मी से हाहाकार मचा रहा। अधिकतम तापमान 34 व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया।
बुधवार व गुरुवार लगातार दो दिन बादलों ने बारिश की झड़ी लगाए रखी। इससे गर्मी से काफी हद तक राहत मिल गई। दो दिन में 58 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। शुक्रवार को मौसम साफ और धूप खिल गई। दोपहर 12 बजे के बाद धूप तेज होने से गर्मी सितम ढहाने लगी। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। उमस इतनी तेज थी कि लोग पसीने से तरबतर दिखे।
पंखे व कूलर काम नहीं कर रहे थे। पंखे की हवा बेअसर थी। शहर के बाबाबगंज, पंजाबी मार्केट, सदर बाजार, आंबेडकर चौराह, स्टेशन रोड सहित बाजारों में खासी चहल-पहल थी। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ थी, मगर सभी गर्मी से बेहाल थे। धूप की तपिश के आगे न घर में सुकून था और न ही बाहर। हर तरफ गर्मी से हाहाकार मचा था। अंचल के रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भी कमोवेश यही हाल रहा। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ की छांव के नीचे बैठे दिखे। चहुंओर गर्मी से लोग बेहाल दिखे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मौसम साफ हो गया है। धूप तल्ख होने से उमस भरी गर्मी में इजाफा हुआ है।