प्रतापगढ़ : करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की मौत के बाद जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला।
बिजली विभाग के जेई भी पहुंचे
खेत में फसलों की सुरक्षा के लिए लोहे के तार के बाड़ में बिजली प्रवाहित करने से पिता-पुत्र के मौत की जानकारी के बाद स्थानीय विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता मोहम्मद सोहराब मौके पर पहुंचे। जानकारी लेने के बाद वह बाड़े में बिजली आपूर्ति करने वाले ग्रामीणों की खोजबीन करने लगे। कार्रवाई से बचने के लिए हर कोई बाड़े से बिजली प्रवाहित करने का तार हटाने के लिए मशक्कत करता रहा।
बेटों के इंतजार में रोका गया पोस्टमार्टम
मृतक रामनारायण का बड़ा बेटा महेंद्र जयपुर और उससे छोटा बेटा नागेंद्र कुमार मुंबई में रहता है। सबसे छोटा बेटा रविकांत घर पर ही रहकर मजदूरी करता है। परदेश में रहने वाले बेटों के बृहस्पतिवार को आने की उम्मीद है। इसलिए अब पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार को होगा।
Prtatapgarh : करंट लगने से पिता पुत्र की मौत के बाद जुटी भीड़।
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उठ रहा सवाल किसने ऑन किया स्विच
हादसे के बाद मृतक रामनारायण का भतीजा करमराज खेत के किनारे बने मचान की एमसीवी के पास पहुंचा। ग्रामीणों के अनुसार मचान पर उजाले के लिए वह सिंगल तार खींचा था। खेत से ही अर्थ दिया था। ताकि मचान पर रोशनी हो सके। करमराज के अनुसार उसने एमसीवी की स्विच बंद कर दी थी। उसके जाने के बाद किसी ने स्विच उठा दिया। ऐसे में सवाल उठा रहा है कि बगल खेत में गेहूं की सिंचाई कर रहे पिता-पुत्र की हादसे में जान गई या फिर किसी ने जानबूझकर बाड़े में बिजली प्रवाहित कर दोनों की जान ले लिया। इसे लेकर ग्रामीणों में खासी चर्चा है।