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धान बेचकर फंसे किसान, नहीं हो रहा भुगतान

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रखहा स्थित धान क्रय केन्द्र। - फोटो : PRATAPGARH
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धान बेचने वाले वह किसान सावधान हो जाएं, जिनके बैंक खाते, आधार कार्ड और खतौनी के नाम में जरा भी अंतर है। ऐसे किसानों के खाते में धान की रकम नहीं भेजी जाएगी। इसलिए वह पहले अपने नाम को दुरुस्त कराने के बाद ही क्रय केंद्रों पर धान लेकर जाएं। नाम में गड़बड़ी होने के कारण बेलखरनाथधाम ब्लाक के दर्जनों किसानों का भुगतान फंस गया है। आलम यह है कि सप्ताह भर बाद भी खाते में रकम नहीं पहुंची है।
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धान क्रय केंद्रों पर भुगतान को लेकर किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। योगी सरकार ने धान बेचने के 72 घंटे के अंदर ही भुगतान का दावा किया था, मगर तकनीकी दिक्कत के चलते भुगतान की समस्या खड़ी हो गई है। बेलखरनाथधाम ब्लाक के रखहा क्रय केंद्र पर दूलापुर निवासी किसान प्रेमनाथ वर्मा, दुर्गादेई, ईशनपुर निवासी दिवाकर सिंह, परसनी निवासी राजेंद्र प्रसाद, गोधूपट्टी निवासी घनश्याम तिवारी, मोलनापुर निवासी कैलाश तिवारी ने सप्ताह भर पहले धान बेचा था, मगर अभी तक खाते में भुगतान नहीं आया है।
यह तो महज उदाहरण हैं, जिले के अन्य क्रय केंद्रों पर कई किसानों का भुगतान फंसा हुआ है। पहले धान बेचने के लिए प्रेरित करने वाले अफसर अब चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। किसान कभी बैंक तो कभी क्रय केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं।
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धान बेचने वाले सभी किसानों का डाटा आनलाइन कर दिया गया है। करीब सप्ताह भर से किसानों का भुगतान फंसा हुआ है। जो भी कमी है, उसे देखकर सुधारा जा रहा है। ममता वर्मा, केंद्र प्रभारी, रखहा
जिन किसानों के बैंक खाता, आधार और खतौनी के नाम में जरा भी अंतर है, उन किसानों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। डाटा मिलान करने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। केंद्र प्रभारियों को यथाशीघ्र डाटा अपडेट करने को कहा गया है। धनंजय प्रताप सिंह, जिला विपणन अधिकारी
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