मुआवजे की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों ने लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य रोक दिया। किसान मौके पर जुटकर विरोध जताने लगे। उनका आरोप था कि सर्किलरेट के आधार पर उन्हें मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। मामले की जानकारी होने पर तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में काम शुरू कराया गया।
लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग को इन दिनों फोरलेन किया जा रहा है। इसके लिए आसपुर देवसरा के सोनपुरा समेत आसपास के कई गांवों के किसानों की जमीन ली गई है। किसानों का आरोप है कि उन्हें सर्किल रेट के मुताबिक मुआवजा नहीं दिया गया है।
सोनपुरा गांव के सामने उन्होंने शुक्रवार को काम रोक दिया। इस पर एनएचआई के परियोजना निदेशक वाराणसी एसबी सिंह, कार्यदायी संस्था गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मालेश्वर राव व सक्षम अधिकारी इंद्रभूषण वर्मा, उपजिलाधिकारी पट्टी धीरेंद्र प्रताप सिंह, एएसपी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी व कई थानों की फोर्स और पीएसी के जवानों के साथ सोनपुरा गांव पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के किसान एकत्र होकर हंगामा करने लगे । प्रशासनिक अधिकारी व किसान-आमने सामने हो गए।
किसान रामनिरंजन गुप्ता, सूर्य नारायण मिश्र , दिलीप मिश्र, श्रीनाथ यादव, राज बहादुर मिश्र , कांतिलाल दूबे सहित सैकड़ों किसान फोरलेन पर धरने पर बैठ गए और हंगामा करने लगे। किसानों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई, लेकिन गांव के बुजुर्गों ने किसी तरह हस्तक्षेप कर मामला संभाला।
प्रशासन के सख्ती दिखाने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ। परियोजना निदेशक एनएचआई वाराणसी एसबी सिंह ने बताया कि हर हाल में निर्माण कार्य पूरा होगा। यह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का स्पष्ट निर्देश है। अगर कोई अराजक तत्व सड़क निर्माण में व्यवधान खड़ा करेगा तो उसके साथ कड़ाई से निपटा जाएगा। 85 प्रतिशत किसानों का मुआवजा दे दिया गया है। कुछ लोग बेवजह राजनीति कर रहे हैं। विवादित स्थल के पांच गाटा संख्या के किसानों का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। मुआवजा का निर्धारण हाईकोर्ट के निर्णय के अधीन होगा।
किसानों ने प्रशासन के फैसले को बताया तुगलकी फरमान
संगीनों के साये में सड़क निर्माण और हक मांगने वाले किसानों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को तुगलकी फरमान बताया। किसान सूर्यनारायण मिश्र, कांतिलाल दूबे, दिलीप मिश्र, अच्छेलाल दूबे, पंचम यादव सहित धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि हमलोग शुक्रवार को शांतिपूर्ण विरोध जता रहे थे। इसी बीच प्रशासन ने गलत आरोप लगाते हुए बल प्रयोग कर धरने से जबरन उठा दिया। किसानों का कहना था कि उन्हें अभी सर्किल रेट से जमीन के मूल्य का भुगतान नहीं किया गया है।
आसपुर देवसरा के सोनपुरा में वाराणसी लखनऊ राजमार्ग फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान तैनात जुटी भीड़।- फोटो : PRATAPGARH
आसपुर देवसरा के सोनपुरा में वाराणसी लखनऊ राजमार्ग फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान मौजूद अधिकारी।- फोटो : PRATAPGARH