खेत की रखवाली करने गए किसान की नृशंस हत्या के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को तनाव के बीच उसका शव गांव के कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे रहे। सीओ की अगुवाई में चार थानों की फोर्स तैनात रही। शांतिपूर्ण ढंग से शव दफन होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
लालगंज कोतवाली के बरिस्ता में बुधवार की रात खेत में फसल की रखवाली करने गए किसान की नृशंस हत्या कर दी गई थी। बृहस्पतिवार को उसका रक्तरंजित शव खेत में बने मचान पर मिलने से सनसनी फैल गई।
बेरहम हत्यारों ने किसान के शरीर पर चाकू व नुकीले हथियार से प्रहार किया था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रात में किसान का शव पोस्टमार्टम हाउस से घर पहुंचा तो चीखपुकार मच गई।
परिजनों ने शुक्रवार की दोपहर की नमाज के बाद किसान के शव को दफनाने का निर्णय लिया। सुबह होते ही ग्रामीणों के साथ आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोग आक्रोशित थे। गांव में तनाव को देखते हुए सीओ जगमोहन सिंह की अगुवाई में चार थानों की फोर्स पहुंच गई।
सपा नेता वासिक खान व जिला उपाध्यक्ष इरशाद सिद्दीकी आदि ने परिजनों के साथ न्याय की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का भरोसा दिया। पुलिस व नेताओं से भरोसा मिलने पर दोपहर एक बजे किसान के शव को दफनाया गया।
पीड़ित परिवार ने रखी छह मांगें, डीएम को भेजा ज्ञापन
किसान की हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने प्रशासन के सामने छह मांगें रखी हैं। परिजनों ने सीओ जगमोहन सिंह के माध्यम से डीएम को इस संबंध में ज्ञापन भेजा है। जिलाधिकारी डॉ. रुपेश कुमार को भेजे ज्ञापन में परिवार ने भरण पोषण के लिए मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, जानमाल की रक्षा के लिए दो शस्त्र लाइसेंस, मृतक की पत्नी का पांच लाख का किसान बीमा और हत्यारोपियों की चौबीस घंटे के भीतर गिरफ्तारी व परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किए जाने की गुहार लगाई है। सीओ ने परिजनों को मदद का भरोसा देते हुए ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजने की बात कही है।
लालगंज के तेजगढ़ बरिस्ता में किसान के अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ जुटने से टूटी सोशल डिस्टेंसिग?- फोटो : PRATAPGARH
आसपुर देवसरा के सोनपुरा में वाराणसी लखनऊ राजमार्ग फोरलेन सड़क निर्माण के दौरान तैनात पीएसी।- फोटो : PRATAPGARH