जिले में 1.51 लाख किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनाई जा सकी है। ऐसे में लाखों किसानों को पीएम सम्मान निधि, उर्वरक समेत अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है। शासन ने 31 मई तक सभी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का निर्देश जिला कृषि विभाग को दिया है।
जिले की कई ग्राम पंचायतों में चकबंदी प्रकिया शुरू होने, आधार कार्ड की ईकेवाईसी तथा भूमि का अंश विभाजन नहीं होने से फार्मर आईडी में अड़ंगा लग रहा है। जिले में करीब 5.86 लाख पंजीकृत किसान हैं। अभी तक 4.35 हजार किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है।
विभागीय जानकारों के अनुसार, चकबंदी प्रक्रिया शुरू होने के कारण 27 हजार किसानों की फार्मर आईडी नहीं बन सकी। वहीं, भूमि का अंश निर्धारण नहीं होने से करीब 70 हजार किसानों की फार्मर आईडी में अड़ंगा लगा हुआ है। जबकि आधार कार्ड की ईकेवाआईसी नहीं होने तथा सैकड़ों किसानों के मृत होने से लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका है।
शिविर लगाकर फार्मर आईडी बनाने का निर्देश
फार्मर आईडी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले की 1148 ग्राम पंचायतों शिविर लगाने के निर्देश कृषि उपनिदेशक ने कर्मचारियों को दिए हैं। शिविर में फार्मर आईडी बनाने के लिए 1355 कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई है। शिविर में बनने वाली फार्मर आईडी की हर समीक्षा की जा रही है।
आधार कार्ड की ईकेवाईसी नहीं होने के कारण मोबाइल पर ओटीपी नहीं आया। जिस कारण फार्मर आईडी नहीं बन रही है।
राम दृगेश तिवारी, लक्ष्मणपुर
ग्राम सभा में चकबंदी प्रकिया चल रही है। भूमि के अंश का निर्धारण नहीं हो सका है। कई बार प्रयास किया लेकिन फार्मर आईडी नहीं बन सकी है।
बच्चा शुक्ला, अमरौना
गांवों में शिविर लगाकर फार्मर आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। फार्मर आईडी नहीं बनने पर किसानों को पीएम सम्मान निधि समेत अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।
विनोद यादव, उप निदेशक कृषि