Famine of corona vaccine, now people are worried to get vaccinated
प्रतापगढ़। कोरोना महामारी से जंग जीतने के लिए आई वैक्सीन का जिले में अकाल हो गया है। महज तीन हजार डोज के भरोसे स्वास्थ्य विभाग के मुखिया दो लाख से अधिक लोगों के टीकाकरण के लिए तैयारी में जुटे हैं। जबकि अबतक कोरोना वैक्सीन का डोज लेने से लोग कतरा रहे थे। मगर कोरोना की दूसरी लहर ने जब कहर बरपाना शुरू किया तो हर कोई परेशान गया। अब टीका लगवाने के लिए अस्पतालों का चक्कर काटना शुरू कर दिये।
कोरोना वायरस को मात देने के लिए बीते तीन माह से टीकाकरण अभियान चल रहा है। सबसे पहले हेल्थ वर्कर, पुलिस और सफाई कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन का डोज दिया गया। इसके बाद बुजुर्गों का टीकाकरण शुरू किया गया। कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए शासन ने 45 साल से अधिक आयु के सभी लोगों को टीका लगवाने के लिए सीएमओ को आदेश दे दिया। सीएमओ प्रतापगढ़ जिले में 22 बूथ बनाकर टीकाकरण शुरू करवा दिये। बीते पखवारे भर पहले कोरोना वैक्सीन खत्म हो गई। महज खानापूरी के नाम पर हर बूथ पर चार से पांच लोगों को टीका लगाया जा रहा था। हालांकि अबतक लोग कोरोना टीका लगवाने से कतरा भी रहे थे। मगर कोरोना का दूसरा लहर जब कहर बरपाना शुरू किया और एक-एक दिन में ढाई से तीन सौ से अधिक संक्रमित मिलने लगे। हर दिन दो से चार लोगों की जान जाने लगी तो लोग घबरा गए।
जो लोग कोरोना को मातदेने के लिए अबतक टीका लगवाने से कतरा रहे थे आज वे बूथ पर पहुंचकर टीका लगवाने पर अड़े हैं। बीच में वैक्सीन खत्म हो गई थी। सीएमओ की डिमांड पर शासन ने बेल्हा को महज तीन हजार डोज दिया है। जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि स्टोर में दस हजार के करीब में कोरोना वैक्सीन का डोज है। यदि एक मई से 18 साल पार करने वाले सभी लोगों को टीकाकरण शुरू यदि होता है तो जिले में पहले खेप में दस से 15 हजार डोज मिलने की उम्मीद है। तभी टीकाकरण हो पाना आसान होगा।