नगरपालिका की मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगे बीएलओ की जांच में अभी तक साढ़े पंद्रह हजार मतदाताओं का नाम हटाया गया है। इसमें लगभग दस हजार मतदाता फर्जी मिले हैं। जिन्हें घर-घर दस्तक देने के बाद भी बीएलओ नहीं खोज सके। मृतकों व दो स्थानों पर नाम दर्ज कराने वाले पांच हजार से अधिक मतदाताओं का नाम भी सूची से काटा गया है। नगर पालिका परिषद बेल्हा समेत नगर पंचायतों में आबादी के सापेक्ष अधिक मतदाता थे। इसकी जानकारी होने के बाद मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्य में लगे बीएलओ को अधिकारियों ने जांच पड़ताल के बाद मतदाता सूची तैयार करने का निर्देश दिया था। 25 वार्डों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिए 61 बीएलओ लगाए गए।
नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी की बैठक में यह बात सामने आई कि नगर पालिका क्षेत्र के पठखौली में 1194, भैरोपुर में 1121, मीराभवन में 877, अजीत नगर में 1054, मकंद्रूगंज में 839, विवेकनगर में 630, दहिलामऊ दक्षिणी में 627, महुली में 460, तहसील वार्ड में 485, पड़ाव वार्ड में 540, सहोदरपुर पश्चिमी में 546, सदर बाजार में 410, धर्मशाला वार्ड में 807, घोसियाना वार्ड में 480, पल्टन बाजार में 375, अस्पताल वार्ड में 402 मतदाताओं के नाम गलत मिले हैं। अन्य वार्डों में भी मतदाता सूची से फर्जी नाम काटे गए हैं। कुल 10 हजार 228 मतदाता फर्जी मिले। मृतक मतदाताओं की संख्या 4 हजार 356 मिली। दो वार्डों में नाम दर्ज कराने वाले करीब 1 हजार से अधिक मतदाता मिले। सभी लोगों की मतदाता सूची से नाम काटने के लिए बीएलओ ने अपनी रिपोर्ट दी है। अभी नगर पालिका क्षेत्र के 25 वार्डों का पुनरीक्षण कार्य जारी है। नगर पालिका के ईओ अवधेश यादव ने बताया कि मृतक, दो स्थानों पर दर्ज नाम और वार्डों में जांच के दौरान दर्ज नाम के व्यक्ति के न मिलने पर उनके नाम काट दिए गए हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगे बीएलओ को साफ सुथरी मतदाता सूची तैयार करने व गहराई से छानबीन का निर्देश दिया गया है।