लालगंज तहसील में पचास बेड का मातृत्व एवं शिशु वार्ड (एमएसडब्ल्यू) खोलने की मंजूरी के साथ ही इसके निर्माण के लिये करीब आठ लाख रुपये की स्वीकृति भी शासन से मिल गई है। शीघ्र ही नए वार्ड का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। वहीं जिला महिला अस्पताल में दो साल पहले से स्वीकृत सौ बेड का नया वार्ड अभी तक बन नहीं बन पाया है।
गांव की गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को लेकर संशय बना रहता है। प्रसव के लिए संसाधन और अन्य प्रकार की दिक्कतें आती हैं। जिससे जच्चा-बच्चा पर खतरे मंडराता रहता है। सुरक्षित प्रसव की उम्मीद से लोग जिला अस्पताल आते हैं, मगर यहां पर भी बेड की किल्लत रहती है। एक बेड पर दो से तीन गर्भवती महिलाओं को लेटाया जा रहा है। भीड़ अधिक होने पर जमीन पर भी लेटाने से गुरेज नहीं किया जाता है। सबसे अधिक दिक्कत ग्रामीण इलाकों से आने वाली गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है। अब तहसील स्तर पर महिलाओं के लिये अलग से एमएसडब्ल्यू बनाने की तैयारी की गई है। सीएमओ डॉक्टर यूके पांडेय ने बताया कि लालगंज तहसील में सीएचसी के अंतर्गत पचास बेड का नए एमएसडब्ल्यू की मंजूरी के साथ ही करीब आठ लाख रुपये की धनराशि भी स्वीकृत हो गई है।