डेढ़ बजे घंटे हुई बरसात से शहर में बाढ़ की स्थिति बन गई। शहर के अधिकांश हिस्सों में पानी भर गया। इससे स्कूली बच्चों और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घंटे भ्ार की बारिश ने ही नगर पालिका प्रशासन के तमाम दावों की भ्ाी पोल खोल दी। नाले-नालियां चोक होने से पानी सड़कों पर भ्ार गया आैर इन पर पैदल चलना भ्ाी मुश्किल हाे गया। राहगीर जिम्मेदार इन हालातों के लिए अफसरों को कोसते नजर आए। मंगलवार को 24.8 मिमी बरसात दर्ज की गई जो इस माह हुई सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है।
मंगलवार को सुबह से ही बादल आसमान में छाए रहे। दोपहर डेढ़ बजे झमाझम बारिश होने लगी। इसके बाद घंटे भ्ार जबदस्त तरीके से मूसलाधार बारिश हुई। इससे कचहरी, सीएन सिंह गली, सिनेमा रोड, पुराना माल गोदाम रोड में पानी जमा हो गया। इन सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया आैर वाहनों से तो छोड़िए, घंटों पैदल चलना भी मुश्किल रहा। दोपहर में स्कूल से छूटने वाले बच्चे भी पानी से होकर घर गए। अन्य राहगीरों को भ्ाी मुसीबत का सामना करना पड़ा। जिले के अधिकांश भागों में झमाझम बारिश हुई। अचानक हुई बरसात ने मौसम तो सुहाना कर दिया लेकिन ये अपने साथ शहरियों के लिए बारिश भी लाई। मंगलवार को एक घंटे में 24.8 मिमी वर्षा रिकाॅर्ड की गई। जो इस माह हुई बरसात में सबसे अधिक है।
उधर जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि पानी की एक-एक बूंद धान के लिए अमृत है। उन्होंने कहा कि इस बरसात से किसानों को गेहूं की बुवाई करने के लिए नमी मिल गई है। खेतों से यह नमी अब गायब नहीं होगी। इससे किसानों को फायदा होगा।