खुद को पीएमओ का अधिकारी बताकर पुलिस अधिकारियों पर ट्रांसफर और पोस्टिंग का दबाव बनाने वाले जालसाज ने जनपद के काफी लोगों से रुपये ठगे हैं। उसकी हकीकत सामने आने के बाद अब लोग पुलिस से शिकायत करने की तैयारी में हैं। हालांकि घर के आसपास गांव के लोग उसकी करतूत से हैरत में हैं।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रघईपुर रेडीगारापुर निवासी अजय प्रकाश पाठक (31) पीएमओ ऑफिस का अधिकारी बताकर थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों पर रौब दिखाकर काम कराने का दबाव बनाता था। मल्टीनेशनल कंपनी के जरिए वह युवक और युवतियों को भी नौकरी करने का झांसा देकर लोगों को जोड़ने के लिए काम पर रखता था।
देहात कोतवाली के थानाध्यक्ष अभिषेक सिरोही को भी उसने बढि़या थाना दिलाने का झांसा दिया था। एसपी के पीआरओ से भी उसकी लंबी बातचीत होती थी। जिले में तैनात कई अफसरों से भी उसकी नजदीकी थी। मोबाइल में कई थानेदारों की चैटिंग भी मिली है। युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीर व वीडियो भी मिले हैं। हालांकि गांव के लोगों से उसके रिश्ते बहुत अच्छे थे। वह घर पहुंचने पर भी अफसर जैसा हाव भाव दिखाता था। अब इस तरह का कारनामा सामने आने पर हर कोई हैरत में है।
थानाध्यक्ष अभिषेक सिरोही ने बताया कि उसके पास पट्टी, देवसरा इलाके के लोग फोन कर ठगे जाने की जानकारी दे रहे हैं। लोगों से अच्छी कंपनी व सरकारी नौकरी दिलाने के नाम लाखों रुपये ठगे हैं। शिकायती पत्र मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
करीबियों पर भी पुलिस कसेगी शिकंजा
पीएमओ अफसर बनकर लोगों को ठगने वाले अजय प्रकाश पाठक के करीबियों को चिन्हित करने में पुलिस जुट गई है। मोबाइल में मिले करीबियों का नाम भी दर्ज मुकदमे में शामिल करने की तैयारी है। इसकी सूची पुलिस तैयार कर रही है।