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एक तरफ किश्त जमा करने की छूट, दूसरी तरफ घर-घर वसूली 

Thu, 25 Jun 2020 06:40 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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लोन - फोटो : pixabay
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जिले के वह किसान इन दिनों सांसत में हैं जिन्होंने बैंकों से कर्ज ले रखा है। बैंक अफसर एक तरफ कर्ज अदायगी के लिए 30 जून तक किश्त जमा करने की छूट देने का ढिढ़ोरा पीट रहे है तो दूसरी ओर कर्मचारियों का घर-घर भेजकर बकाया चुकता करने का दबाव बना रहे हैं। 
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तीन माह के लॉकडाउन ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कमाई नहीं होने और खर्च अधिक होने से परेशान किसान धान की रोपाई की तैयारी में जुटे हैं कि उनके सामने नई समस्या कर्ज चुकाने को लेकर खड़ी हो गई है।

 

Loan - फोटो : social media
गर्मी में सब्जी की खेती में नुकसान झेलने वाले किसानों के बेटे भी दो माह से घर में आकर बैठे हुए हैं। ऐसे में कर्ज चुकाने को लेकर उनकी परेशानी बढ़ गई है। लॉकडाउन के दौरान शासन ने 30 जून तक बैंक की किश्त नहीं जमा करने की छूट दी थी।

अब बैंक कर्मचारी घर-घर जाकर कर्ज जमा करने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में किसानों को कुछ भी नहीं सूझ रहा है। संडवा चंद्रिका विकास खंड के किठावर बाजार निवासी किसान मो. नईम ने बताया कि बैंकों के कर्मचारी घर-घर जाकर रुपये जमा करने का दबाव बना रहे हैं। ऐसे में किसान खरीफ की फसल की तैयारी करें या कर्ज चुकता करें।

 

loan
संकट के दौर में वसूली की पहल किसानों के लिए नई मुसीबत है। अंतू इलाके के कपासी गांव निवासी हरिशंकर मिश्र ने बताया कि मैने पांच साल पहले ऋण लिया था।

लॉकडाउन के पहले बराबर किश्त का भुगतान करता रहा, मगर इन तीन महीनों में भुगतान नहीं करने पर अब मोबाइल पर फोन घन-घना रहा है कि ब्याज बढ़ रहा है अविलंब रुपये जमा करिए।

 

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
संडवा चंद्रिका विकास खंड उमरी गांव निवासी कमल श्रीवास्तव ने बताया कि बैंकों से वसूली ऐसे समय में हो रही है, जब हाथ पूरी तरह खाली हैं। कोई भी किसान अपने सिर पर कर्ज नहीं चाहता है, मगर उनकी मजबूरी है कि इस समय किसी के पास कुछ भी नहीं है। 

 
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farmer pti - फोटो : PTI
वहीं, इस संबंध में एलडीएम अनिल कुमार ने बताया कि बैंकों से कर्ज लेने वालों से वसूली पर कोई रोक नहीं लगी है। उनकी सहूलियत के लिए तीन माह की छूट दी गई थी।

हालांकि किश्त का भुगतान नहीं करने वाले किसानों को अतिरिक्त ब्याज का भुगतान करना होगा। इससे किसानों का ही नुकसान होगा। फिलहाल वसूली के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जा रहा है। अगर ऐसी कोई शिकायत है, तो मुझे बताएं। 


 
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