पुलिसकर्मी अब थाने व चौकी पर बैठकर प्रार्थना पत्रों पर फर्जी रिपोर्ट नहीं लगा सकेंगे। अब उन्हें मौके पर जाकर फरियादियों की समस्या सुननी होगी। आरोपी पक्ष की बातों को भी सुनकर सही-गलत का फैसला करना होगा। प्रकरण का निस्तारण कराने के बाद फरियादी के साथ सेल्फी भी लेनी होगी। उसकी तस्वीर रिपोर्ट में लगातार संबंधित अफसरों के पास भेजनी होगी।
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने फरियादियों की समस्या थाने पर ही निस्तारित करने के लिए एएसपी व सभी क्षेत्राधिकारी को अपने-अपने थानों में तय दिन पर बैठकर जनता की समस्या सुनने के लिए निर्देश दिया है। अब एसपी के नए आदेश से मातहतों में हड़कंप मचा है। उ
न्होंने कहा है कि प्रार्थना पत्रों की जांच कर मामले का निस्तारण कराने का प्रयास करें। यदि शिकायत गंभीर है तो बीट सिपाही व हल्का दरोगा मौके पर पहुंचकर छानबीन करें।
आरोपी पक्ष से भी बातचीत कर हकीकत जानें। इसके बाद फरियादी के साथ सेल्फी लें। बाद में रिपोर्ट के साथ वह तस्वीर भी भेजनी होगी। ताकि दोबारा शिकायत करने पर उसके सामने जांच रिपोर्ट व तस्वीर रखी जा सके।
एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि इससे यह तय होगा कि सिपाही या दरोगा फरियादी के पास तक पहुंचेंगे। लोग दोबारा शिकायत करने के लिए सोचेंगे।