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एक्सक्लूसिव: 656.41 करोड़ खर्च, ब्रांड अंबेसडर अमिताभ के गांव में खुले में शौच

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रानीगंज के बाबूपट्टी में खुले में शौच को जाते ग्रामीण। - फोटो : PRATAPGARH
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जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए अभी तक 656.41 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। जिला भी ओडीएफ घोषित हो गया है, लेकिन हालत यह है कि स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड अंबेसडर मेगा स्टार अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव बाबूपट्टी में ही लोगों के हाथ से लोटा नहीं छूटा है। अभी भी लोग खुले में शौच जा रहे हैं। अधिकांश शौचालय अधूरे पड़े हैं। जो बने भी हैं वह निष्प्रयोज्य हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में शौचालयों का निर्माण कराने में अभी तक 656.41 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। 31 दिसंबर 2018 को जनपद ओडीएफ भी घोषित हो चुका है, लेकिन हालात इसके उलट हैं। जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में अभी शौचालय अधूरे पड़े हैं। कई जगहों पर शौचालय बनने के बाद भी उनका उपयोग नहीं हो रहा है। खुद स्वच्छता अभियान के ब्रांड अंबेसडर सिने स्टार अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव बाबूपट्टी के लोग भी खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं।
गांव में 188 शौचालय बनाने का लक्ष्य था, मगर अधिकांश शौचालय अभी भी आधे-अधूरे हैं। किसी शौचालय में दरवाजा नहीं है तो किसी का गड्ढा नहीं बना है। आलम यह है कि 75 फीसदी शौचालय अधूरे हैं। यही वजह है कि आज भी गांव की महिलाएं खुले में शौच करने को मजबूर हैं। सुबह और शाम लोटा और बोतल में पानी लेकर लोग खेतों की तरफ निकल पड़ते हैं।
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गांव में अभी भी लगभग दो दर्जन परिवार ऐसे हैं, जिन्हें शौचालय का इंतजार है। आश्चर्य की बात तो यह है कि अफसरों ने कई बार गांव का दौरा कर शौचालयों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया, मगर मातहतों पर कोई असर नहीं है।
बगैर शौचालय बने ही वेबसाइट पर लोड कर दी गई फोटो
लक्ष्मणपुर विकास खंड के आधा दर्जन गांव ऐसे हैं, जहां बगैर शौचालय बने ही वेबसाइट पर फोटो अपलोड कर दी गई है। शिकायत पर डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को नोटिस जारी किया है। इसी तरह शिवगढ़ विकास खंड के संडिला, शाहपुर, देवगढ़ कमासिन, रामनगर, फतेहपुर, खुशहालगढ़, सुल्तानपुर में भी शौचालयों में व्यापक धांधली की गई है।
लाभार्थियों के खाते में भुगतान होते ही ठंडी पड़ी योजना
शौचालय का निर्माण कराने की जिम्मेदारी पूर्व में प्रधानों और सचिवों पर थी। शासन ने धांधली देखते हुए बाद में यह धनराशि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजने का फैसला किया। खाते में धनराशि भेजने का आदेश आते ही प्रधान और सचिव भी शौचालय बनवाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
बाबूपट्टी में शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। अगर, किसी का अधूरा है तो एडीओ पंचायत से जांच कराई जाएगी। शौचालय अब उन्हीं लोगों के नहीं बने हैं, जो बेस लाइन सर्वे से बाहर हैं। फिलहाल जल्द ही जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लालजी दूबे, डीपीआरओ।

रानीगंज के बाबूपट्टी में खराब पड़ा शौचालय।- फोटो : PRATAPGARH

रानीगंज के बाबूपट्टी में शौचालय का टूटा दरवाजा।- फोटो : PRATAPGARH

रानीगंज के बाबूपट्टी में खराब पड़ा शौचालय।- फोटो : PRATAPGARH

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