सदर विधानसभा उपचुनाव के आखिरी दिन बड़े दलों के प्रत्याशियों के नामांकन को लेकर जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में बदलाव करते हुए चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी।
जिसका खामियाजा शहर में आने-जाने वाले लोगों को उठाना पड़ा। शहर में हर ओर जाम ही दिखा। जिसके चलते वाहन रेंगते नजर आए। जाम में आला अफसर भी फंसे। यातायात पुलिस संग कोतवाली पुलिस जाम खुलवाने के लिए भागदौड़ करती रही।
जिला प्रशासन ने सोमवार को सदर विधानसभा उपचुनाव के अंतिम दिन सपा, अपना दल एस व कांग्रेस प्रत्याशी समेत दूसरे दलों के प्रत्याशियों के नामांकन को देखते हुए सुबह से ही यातायात व्यवस्था में बदलाव कर दिया था। राजापाल चौराहे पर ही चार पहिया वाहन, ई-रिक्शा, टेंपो रोके जा रहे थे। चौक घंटाघर व भंगवाचुंगी से तहसील की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया था।
जिसके चलते सुबह से ही शहर में जाम की समस्या पैदा हो गई। दोपहर में जिले के आला अफसर निकले तो वे भी जाम में फंस गए। चिलबिला, सदर मोड़, पूरे पितई से लेकर कचहरी, सरोज चौराहे से लेकर कोषागार चौराहे तक वाहनों का जाम लगा रहा। यहां तक कि बाइक भी निकलना दुश्वार हो गया था।
लोग शहर की गलियों व दूसरे रास्तों की ओर भागे, लेकिन वहां भी लोगों को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ा। अधिकारियों के जाम में फंसने की खबर पर कोतवाली व यातायात पुलिस वाहनों को हटवाकर जाम खुलवाने के लिए भागदौड़ करती रही। जाम के चलते सुबह से लेकर शाम तक वाहन हाईवे से लेकर दूसरे मार्गों पर रेंगते नजर आए।
बलीपुर पंचमुखी मंदिर के समीप कचहरी रोड पर लगा जाम।- फोटो : PRATAPGARH