पूर्व महाधिवक्ता एसएमए काज़मी का निधन अधिवक्ता ही नहीं पूरे समाज के लिए एक बड़ा सदमा है। काबिल वकील होने के साथ ही वह एक बेहतरीन इंसान भी थे। निधन का समाचार जैसे ही हाईकोर्ट पहुंचा सभी सन्न रह गए।
कुछ देर पहले ही वह इसी हाईकोर्ट से मुकदमे में बहस करके निकले थे। तमाम लोगों ने उनको वहीं कुछ ही देर पहले कॉरिडोर में खड़े देखा और बात भी की। सहसा किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि अब वह हमारे बीच नहीं हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी ने मुख्य न्यायाधीश डा.डीवाई चंद्रचूड को कोर्ट में जाकर हादसे की जानकारी दी तो वह भी आवाक रह गए। उन्होंने कहा कि उन्हें काज़मी का हंसमुख चेहरा याद है।
वह जब भी मुकदमे में बहस करने आते थे उनके चेहरे पर एक मुस्कान होती थी। वह आत्मविश्वास से भरपूर व्यक्ति थे। ऐसे प्रतिभाशाली अधिवक्ता का जाना अपूरणीय क्षति है। पूर्व अध्यक्ष कंदर्प नारायण मिश्र का गम अभी लोग भूल भी नहीं पाए थे कि एक और काबिल वकील असमय चला गया।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा, एक बहुत ही अच्छे इंसान और कुशल अधिवक्ता हमारे बीच नहीं रहे, इस नुकसान की भरपायी संभव नहीं। बुधवार को बार की ओर से ‘नो एडवर्स आर्डर’ का प्रस्ताव किया गया है।
हाईकोर्ट कर्मचारी संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेकानंद शर्मा ने संगठन के सभी सदस्यों की ओर से गहरा दुख व्यक्त किया है। पूर्व अध्यक्ष बृजेश शुक्ल, सपा अधिवक्ता सभा के विनय प्रताप सिंह, बालेश्वर चतुर्वेदी, अधिवक्ता अजय कुमार मिश्र, कुश कुमार पांडेय, सरदार प्रीतम सिंह, हाजी निजाम खां सहित तमाम वकीलों ने भी शोक व्यक्त किया।