सेवा समाप्ति के बाद भी दुष्कर्म के आरोपी डॉक्टर ने एक बार फिर से सरकारी आवास में मरीजों का इलाज करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उसे सरकारी आवास पर इलाज करते देख लोगों में तरह-तरह की चर्चा होने लगी। जबकि विभागीय अधिकारियों ने इसे गलत ठहराया है।
जिला अस्पताल में संविदा पर तैनात डॉक्टर आरडी द्विवेदी पर दो माह पहले एक युवती ने दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया था। इस दौरान हंगामा हुआ था। पुलिस डॉक्टर द्विवेदी को हिरासत में लेकर कोतवाली चली गई थी। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने कोतवाली पहुंचकर हंगामा करना शुरू किया तो डॉक्टर द्विवेदी बीमार हो गए। चिकित्सक उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां से लखनऊ रेफर कर दिया। शासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर द्विवेदी की सेवा समाप्त कर दी। दो माह तक डॉक्टर आरडी द्विवेदी लखनऊ में पड़े रहे। बुधवार देर शाम जिला अस्पताल पहुंच गए। सरकारी आवास में मरीजों का इलाज शुरू कर दिया। इस मामले में सीएमएस योगेंद्र यति का कहना है कि डॉक्टर आरडी द्विवेदी के खिलाफ शासन ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की है। ऐसे में उनको न तो सरकारी आवास दिया जाएगा और न ही प्राइवेट प्रैक्टिस करने का मौका दिया जाएगा। जानकारी हुई है। जल्द ही सरकारी आवास से बाहर निकाल दिया जाएगा।
लखनऊ से आई टीम ने किया डायलिसिस का निरीक्षण
बुधवार देर शाम लखनऊ से एक टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर निर्माणाधीन डायलिसिस सेंटर का निरीक्षण किया। जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने और डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ करवाने के लिए सीएमएस को आदेश दिया।