जिला ओडीएफ भले ही हो गया है, मगर अगले वित्तीय वर्ष में 2,23,856 शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। अनुसूचित बहुल इलाकों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने के साथ ही कक्षा एक से इंटर तक के स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाएं जाएंगे।
केंद्र सरकार से एक अप्रैल के बाद इसके लिए भारी भरकम बजट मिलेगा। दरअसल, वाहवाही लूटने के चक्कर में अफसरों ने आननफानन में खुले में शौच से मुक्त घोषित करा दिया, लेकिन हकीकत इससे अलग हैं।
जिले में स्वच्छता अभियान को गति देने वाली स्वच्छ भारत मिशन योजना 2020-21 में बंद नहीं होगी, बल्कि स्वच्छता अभियान में और तेजी आने जा रही है। केंद्र सरकार ने पत्र भेजकर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है।
एक अप्रैल से जिले में 2,23,856 शौचालयों का निर्माण और कराया जाएगा। जिले की 1255 ग्राम पंचायतों के अनुसूचित जाति बहुल इलाकों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने के साथ ही सभी स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि अधिकांश स्कूलों में एक-एक शौचालयों का निर्माण होने से बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इधर विभाग ने 19,459 लाभार्थियों को खोज निकाला है, जो पात्र हैं और उन्हें अभी तक शौचालय नहीं मिला है।
इन लोगों को भी अगले वित्तीय वर्ष में धनराशि जारी कर दी जाएगी। इन शौचालयों का निर्माण होने से जिले में आवश्यकता के अनुुरूप शौचालयों के निर्मित होने का कार्य पूरा हो जाएगा।
स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत सामुदायिक शौचालयों का निर्माण के साथ ही स्कूलों में दो-दो शौचालयों का निर्माण कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिया गया है। अगले वर्ष तक शौचालयों से जिला पूरी तरह संतृप्त हो जाएगा।
लालचंद्र गुप्ता, डीपीआरओ