राशन के हकदार लोगों को ही अब राशन कार्ड मिलेगा। जिले में अप्रैल माह से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना प्रारंभ होने जा रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में दो लाख और शहरी इलाकों में तीन लाख रुपये वार्षिक से कम आय वाले लोगों को योजना से आच्छादित किया जाएगा। पात्रों की खोज करने के लिए दो फरवरी से सर्वे का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
जिले में राशनकार्ड वितरण की कवायद पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है। जिले में एक अप्रैल से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना प्रारंभ होने जा रही है। योजना के तहत पात्रों का चयन करने के लिए दो फरवरी से सर्वे अभियान चलाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की नई श्रेणी तैयार की जाएगी। वास्तविक गरीबों की पहचान के लिए दो फरवरी से जिले में नए सिरे से सर्वे कार्य प्रारंभ हो रहा है। शासन ने जो मानक तैयार किया है उसके मुताबिक ग्रामीण इलाकों में दो लाख रुपये और शहरी इलाकों में तीन लाख रुपये से कम आय वाले लोग योजना के हकदार होंगे।
ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत अधिकारी और लेखपाल जबकि शहरी इलाकों में नगरपालिका और टाउन एरिया के कर्मचारियों को सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन ने अधिक से अधिक लोगों को योजना से आच्छादित करने के उद्देश्य से 79.53 प्रतिशत ग्रामीण और 64.06 प्रतिशत शहरी लाभार्थियों का चयन करने को कहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के सर्वे ने एक बार फिर राशनकार्ड वितरण पर रोक लगा दी है। लगभग 13 वर्षों से नए राशनकार्ड की प्रतीक्षा करने वालों को अब मानक पर खरे उतरने पर ही मिलेगा। जिला पूर्ति अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि मानक पर खरे उतरने वाले लाभार्थियों को ही बीपीएल राशन कार्ड वितरित किया जाएगा।