पीक्यूआरएस मालगाड़ी के इंजन का पहिया पटरी से उतरने के मामले में लखनऊ में तलब रेल कर्मचारी तीसरे दिन लौटे। स्टेशन पर चर्चा रही कि लखनऊ में हुई पूछताछ के बाद ऑपरेटिंग व सिग्नल विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
होली की रात प्रतापगढ़ स्टेशन पर पीक्यूआरएस मालगाडी का पहिया पटरी से उतर गया था। इसके चलते आठ घंटे तक लखनऊ-वाराणसी व इलाहाबाद-फैजाबाद रेलमार्ग बाधित रहा। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा था। जांच में स्टेशन मास्टर कमर अली, शंटिंगमैन लालजी व अशर्फीलाल के साथ ही लीवरमैन वंशराज का दोषी बताते हुए रिपोर्ट लखनऊ भेज दी गई थी। डीआरएम ने जांच रिपोर्ट बनाने वाले रेल कर्मियों के साथ ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को तीन दिन पहले पूछताछ के लिये लखनऊ बुला लिया। दो दिनों तक लगातार पूछताछ होती रही। अपनी गर्दन बचाने के चक्कर में कर्मचारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। रेलवे के सूत्रों की मानी जाए तो जांच में ऑपरेटिंग व सिग्नल विभाग की गलती सामने आई है। दोनों विभागों के कर्मचारियों के साथ ही अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
रेल विभाग ने प्रतापगढ़ स्टेशन को विकसित करने के लिए 26 करोड़ का बजट पास किया है। इस रकम से चार और पांच नंबर प्लेटफार्म के साथ ही 26 कोच की वाशिंग लाइन बननी है। ट्रेनों में पानी भरने के लिए प्लेटफार्म के पास पाइप लाइन भी बिछवाई जाएगी।
प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन की सूरत धीरे-धीरे बदल रही है। वर्षों पुराने फुट ओवरब्रिज व लोको टीनशेड को तोड़वाकर नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। स्टेशन पर एक ओर जहां स्वाचलित सीढ़ी बनने जा रही है, वहीं चार और पांच नंबर दो नए प्लेटफार्म भी बनेंगे। साथ ही 26 कोचकी वाशिंग लाइन का भी निर्माण किया जाएगा। इसके लिए रेल विभाग ने 26 करोड़ रुपये का बजट दिया है। प्लेटफार्म व वाशिंग लाइन का सर्वे हो गया है। इसी के साथ ही एक, दो व तीन नंबर प्लेटफार्म का सौंदर्यीकरण भी कराना है। स्टेशन परिसर में क्यारी बनवाकर फूल लगवाए जाएंगे। एडीएन आरएस सचान ने बताया कि अभी तक बजट न होने के कारण दिक्कतें आ रही थीं। निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया था। अब बजट मिलने के बाद तेजी से काम होंगे।
लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी खत्म होने के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। दरअसल लखनऊ के बाद बनारस में ही ट्रेनों में पानी भरा जा सकता है। बीच के किसी स्टेशन पर इसकी सुविधा नहीं है। प्रतापगढ़ स्टेशन पर पाइप लाइन बिछाए जाने के बाद लंबी दूरी की ट्रेनों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मुंबई, दिल्ली, भोपाल और कानपुर के लिए प्रतापगढ़ से भी ट्रेनें खुलती हैँ।
लखनऊ-वाराणसी रेलखंड पर गुरुवार की रात बड़ा हादसा बच गया था। दांदूपुर और गौरा रेलवे स्टेशन के बीच पटरी टूट गई थी। टूटी पटरी से काशीविश्वनाथ एक्सप्रेस को दौड़ा दिया गया था। शुक्रवार को ब्लाक न मिलने के कारण ट्रैक की मरम्मत नहीं हो सकी थी। देर रात ब्लाक मिला तो रेलकर्मियों ने ट्रैक दुरुस्त किया।पद्मावत एक्सप्रेस में सीट को लेकर
पद्मवत एक्सप्रेस में बैठने को लेकर यात्रियों ने प्लेटफार्म पर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस के साथ स्टेशन मास्टर व स्टेशन अधीक्षक पहुंचे। किसी तरह यात्रियों को समझाकर शांत कराया।
दिल्ली से प्रतापगढ़ आने वाली पद्मावत एक्सप्रेस शनिवार को सात घंटे की देरी से पहुंची। ट्रेन की धुलाई और सफाई के लिए वाशिंग लाइन पर रेलवे के कर्मचारियों ने लिया। धुलाई और सफाई हो ही रही थी कि बोगियों में यात्री घुस गए। दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस वाशिंग लाइन पर ही फुल हो गई। उसे प्लेटफार्म पर लाया गया तो यहां पहले से ट्रेन के इंतजार में बैठै यात्री हंगामा करने लगे। काफी देर तक शोरशराबा होता रहा। सूचना मिलने पर जीआरपी, आरपीएफ, स्टेशन मास्टर के साथ स्टेशन अधीक्षक पहुंचे। रेल अफसरों व कर्मचारियों ने किसी तरह यात्रियों को समझाबुझाकर शांत कराया। एक घंटे की देरी से शाम छह बजे पद्मावत एक्सप्रेस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया।