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फार्मासिस्ट के भरोसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी, मरीजों ने काटा हंगामा

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फार्मासिस्ट के भरोसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी, मरीजों ने काटा हंगामा
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शिकायत के बाद भी नहीं आए डॉक्टर व सीएमएस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिला अस्पताल की हालत दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर डॉक्टर गायब हो जा रहे हैं। फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। मगर जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के अफसर इससे अंजान बने हैं। शुक्रवार को मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने चिकित्सक न मिलने पर जमकर हंगामा काटा।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार को आंख के डॉक्टर विवेक त्रिपाठी की ड्यूटी सीएमएस ने लगा दिया। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक चिकित्सक विवेक को इमरजेंसी देखना था। मगर वे दोपहर साढ़े 11 बजे से ही इमरजेंसी छोड़कर चले गए। ड्यूटी पर मौजूद फार्मासिस्ट राजन यादव आने वाले गंभीर मरीजों का खुद इलाज करने लगे। इसी बीच अधिवक्ता आनंद प्रचंड एक मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। काफी देर तक वह बैठे रहे। मरीज की हालत बिगड़ती ही जा रही थी। मगर डॉक्टर देखने के लिए नहीं आ रहे थे। इसी बीच रानीगंज से राजू तो लालगंज से राम निहोर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर हालत में पहुंचे। डॉक्टर के न होने पर तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई बार सीएमएस के पास लोगों ने फोन मिलाया। मगर बात नहीं हो सकी। इससे मरीज के साथ आए लोग नाराज हो गए। इसकी शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ भी सीएमएस से फोन पर बात करने का प्रयास किये मगर बात नहीं हो सकी। आंख के डॉक्टर विवेक त्रिपाठी की मानें तो उनकी ओपीडी में सैकड़ों मरीज आए थे।आंख का ऑपरेशन भी करना था। पीएम में भी उनकी ड्यूटी लगा दी गई थी। वे इमरजेंसी छोड़कर अपनी ओपीडी में मरीजों का इलाज करने के बाद पोस्टमार्टम हाउस चले गए थे। इस मामले में सीएमएस से बात करने का प्रयास किया गया मगर उनका फोन नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बता रहा था। सीएमओ ने इसकी जांच बैठा दी है।
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