Electricity system will improve in minority settlements
प्रतापगढ़। शहर की अल्पसंख्यक बाहुल्य बस्तियों की बिजली व्यवस्था में जल्द ही सुधार आएगा। लोकल फाल्ट व बेक्रडाउन के कारण बस्तियों की बिजली गुल नहीं होगी। मोहल्लों में न तो तारों का मकड़जाल दिखेगा और न ही बदहाल उपकरण। अल्पसंख्यक विभाग ने बस्तियों की बिजली व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए बिजली विभाग को पत्र लिखा है। विभाग की ओर से ऐसी बस्तियों को चिह्नित कर सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही कार्य शुरू होगा।
जिले में चार विद्युुत उपकेंद्र हैं। बाबागंज, दहिलामऊ, रूपापुर व कादीपुर। इसके तहत 26 हजार से अधिक पंजीकृत उपभोक्ता हैं। शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। बिजली की आपूर्ति भी शहर में 24 घंटे हो रही है। मगर चारों उपकेंद्र के अंतर्गत कुछ ऐसे भी मोहल्ले हैं जहां लोकल फाल्ट व अन्य खामियों के चलते लोगों को रोस्टर का लाभ नहीं मिल पा रहा। शहर में सबसे ज्यादा दिक्कत अल्पसंख्यक बस्तियों में है। पटखौली, बेगमवार्ड, आजाद नगर, अस्पताल वार्ड, भुलियापुर सहित एक दर्जन ऐसे मुहल्ले हैं, जहां तारों का मकड़जाल, बदहाल उपकरण व ट्रांसफार्मर, जर्जर पोल ही मोहल्ले की पहचान हैं।
तारों के मकड़जाल के चलते शार्ट सर्किट की भी दिक्कत रहती है। मोहल्लों में जर्जर तार हादसों को दावत दे रहे हैं। अब अल्पसंख्यक बस्तियों के लोगों को इस समस्या से निजात मिलेगी। इन मोहल्लों की बिजली व्यवस्था में जल्द ही तब्दीली दिखेगी। अल्पसंख्यक विभाग ने ऐसी बस्तियों में बिजली व्यवस्था के सुधार के लिए पत्र लिखा है। जिस पर अमल शुरू हो गया है। विभाग द्वारा ऐसे मोहल्लों को चिह्नित किया जा रहा है। उपकरणों, तारों की स्थिति, ट्रांसफार्मर की खामी सहित अन्य दिक्कतों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ताकि इन्हें दुरुस्त किया जा सके। एसडीओ बाबागंज अजीत यादव ने बताया कि शहर की अल्पसंख्यक बस्तियों की बिजली व्यवस्था में जल्द ही सुधार आएगा। इसे लेकर पहल शुरू है। ऐसी बस्तियों को चिह्नित कर प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।