शहर में उलझे तारों का मकड़जाल जल्द खत्म हो जाएगा। बिजली विभाग शहर में बिजली सप्लाई के लिए भूमिगत केबिल बिछाने जा रहा है। सबसे पहले उन मोहल्लों में काम शुरू होगा, जहां तारों के मकड़जाल से सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पहले चरण में बाबागंज उपकेंद्र के स्टेशन रोड व श्रीराम चौराहे तक के बिल बिछाया जाएगा। इसके लिए 22 लाख का बजट मिल गया है। जल्द ही काम शुरू होगा।
विभाग के लाख जतन के बाद भी शहर में बिजली व्यवस्था खस्ताहाल है। ट्रांसफार्मर खुले में सड़क किनारे रखे हुए हैं। उनकी मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। शहर के दो दर्जन अधिक मुहल्ले लोकलफाल्ट का दर्द झेल रहे हैं। इससे भी बुरा हाल भीड़भाड़ वाले शहर के प्रमुख स्थानों का है। जहां तारों के मकड़जाल के चलते घरेलू उपभोक्ताओं एवं दुकानदारों को आए दिन परेशानी झेलनी पड़ती है। रोस्टर के माफिक उन्हें बिजली नसीब नहीं हो पाती है। हाईटेंशन लाइन भी उलझे तारों की जद में है। इससे अक्सर मुहल्लों व बाजारों में अंधेरा छाया रहता है। यही वजह है कि शहर में 24 घंटे आपूर्ति के दावे की हवा निकल गई है।
इस समस्या को विभागीय अफसरों ने गंभीरता से ली है। शहरियों को इस समस्या से निजात दिलाने की कवायद शुरू कर दी गई। विभाग अब ऐसे शहरी मुहल्लों को चिह्नित करेगा जहां तारों के मकड़जाल के चलते आपूर्ति प्रभावित होती है। उन मुहल्लों में भूमिगत केबिल के जरिए आपूर्ति होगी। इससे लोकल फाल्ट व हादसे रुकेंगे। पहले चरण में विभाग की ओर से बाबागंज उपकेंद्र से स्टेशन रोड व श्रीराम तिराहे तक भूमिगत केबिल बिछाया जाएगा। इसके लिए भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने स्वीकृत कर लिया है। 22 लाख रुपये का बजट भी पास हो गया है। एसडीओ बाबागंज अजीत यादव ने बताया कि बाबागंज उपकेंद्र से स्टेशनरोड व श्रीराम तिराहे का बजट मिला है। जल्द ही यहां भूमिगत लाइन बिछाए जाने का काम शुरू होगा।
नगरपालिका से हरी झंडी मिलने का इंतजार
भूमिगत केबिल बिछाने का कार्य शुरू करने के लिए नगरपालिका से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। दरअसल, राजमार्ग से होकर स्टेशन रोड व श्रीराम तिराहे तक केबिल बिछाने का कार्य होना है। कार्य के दौरान टेलीफोन व पाइप लाइन आदि क्षतिग्रस्त न हो, इसके लिए विभाग पहले नगर पालिका से बातचीत कर इसका खाका तैयार करेगा। इसके बाद काम शुरू होगा।