तमाम दावों-वादों के बाद भी जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। अघोषित कटौती ने शहरियों का सुकून छीन लिया है। दावा बीस 20 घंटे की आपूर्ति का है मगर उपभोक्ताओं को 15 घंटे भी बिजली मिलना मुश्किल हो रहा है। रात की अघोषित कटौती ने हालात और बदतर कर दिए हैं।
दिन में होने वाली कटौती ने लोगों को परेशान किए ही रखा था। अब रात की अघोषित कटौती ने नींद भी छीन ली। पिछले एक सप्ताह की आपूर्ति देखी जाए तो पता चलता है किसी भी दिन बीस 20 घंटे बिजली नहीं मिली। आपूर्ति में प्रमुख बाधा तार का टूटना और लाइन ट्रिप करना भी है। मगर इसको समय से ठीक करने में भी लापरवाही बरती जा रही है। सुबह की गड़बड़ी को शाम और रात में आई खराबी को दूसरे दिन दोपहर तक ठीक
हो पाती है।
इसके अलावा इमरजेंसी के नाम पर होने वाली कटौती अलग है। कटौती के बारे में शहरी अफसरों से पूछते हैं तो वह सीधे जवाब न देकर टालमटोल करते हैं। एक्सईएन एसपी मिश्रा का दावा है कि 20 घंटे आपूर्ति हो रही है। जबकि शहरी उनके इस दावे को खारिज करते हैं। व्यापारी, चिकित्सक, मरीज, छात्र और महिला वर्ग के लोगों का कहना है कि दिन और रात बमुश्किल 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। अक्सर पूरी रात गायब बिजली नहीं रहती है।
रात भर गुल रही बिजली से नहीं सो सके शहरीः रविवार रात को दो घंटे की कटौती के बाद बिजली थोड़ी देर के लिए आई। कुछ देर बाद आपूर्ति फिर बाधित हो गई और फिर सोमवार को सुबह करीब छह बजे बिजली चालू हुई। इसके बाद भी बिजली की आवाजाही जारी रही। इससे लोगों को परेशानी
उठानी पड़ी।