बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में मशाल जुलूस के साथ डीएम आवास ज्ञापन देने जाते कर्मचारी।
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निजीकरण के विरोध में सोमवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजलीकर्मियों के विभिन्न संगठनों ने मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान शहर में भ्रमण कर निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की। इस पर रोक लगाने की मांग करते हुए डीएम को ज्ञापन सौंपा।
शाम लगभग पांच बजे भंगवाचुंगी स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर बिजलीकर्मियों के सभी संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य एकत्र हुए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सभी सदस्य हाथों में मशाल लिए निजीकरण के विरोध में नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में निकले। इस दौरान निजीकरण के विरोध में आवाज बुलंद की।
सह संयोजक शिलवंत सिंह व एक्सईएन चंद्रमा प्रसाद ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किसी भी प्रकार से प्रदेश व आम जनता के हित में नहीं है। निजी कंपनियां मुनाफे के लिए काम करती हैं, जबकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम बिना भेदभाव के किसानों एवं गरीब उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति कर रहा है।
निजी कंपनियां अधिक राजस्व वाले वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर बिजली देंगी। ग्रेटर नोएडा और आगरा में यही हो रहा है। एसडीओ बाबागंज अजीत कुमार यादव ने कहा कि निजीकरण में लोगों का हित नहीं है। इस पर रोक लगनी चाहिए। इस मौके पर जेई संगठन के जिला सचिव प्रमोद मौर्या, टीजीटू अमरबहादुर यादव, विवेक पांडेय आदि मौजूद रहे।
निजीकरण के विरोध में भंगवा चुंगी कार्यालय से मशाल जुलूस निकाले बिजली विभाग के कर्मचारी।- फोटो : PRATAPGARH