बिजली विभाग की लापरवाही के चलते शहरियों को चौदह घंटे बिना बिजली के रहना पड़ा। बिजली न मिलने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। लोग बूंद-बूंद पानी के लिये तरस गये। गुरुवार की रात करीब एक बारह बजे ठप हुई आपूर्ति शुक्रवार को दो बजे बहाल हुई।
गुरुवार की रात को बारह बजे के करीब लाइट चली गई। जिससे बाबागंज की आपूर्ति ठप हो गई। लाइट पूरी रात नहीं आई। शुक्रवार को छुट्टी होने के कारण लोग घरों पर ही रहे। सुबह लाइट नहीं आई और टंकियों में भरा पानी खतम हो गया तो लोगों ने बाबागंज, रूपापुर और कादीपुर उपकेंद्रों पर फोन करना चालू किया। अफसरों को भी फोन लगाया गया। पता चला कि रात में भुपियामऊ उपकेंद्र से बाबागंज उपकेंद्र आने वाली लाइन में गड़बड़ी आने से वह ब्रेक डाउन में चली गई थी। फाल्ट खोजने के बाद जैसे ही उसको चलाया गया फिर ट्रिप कर गई। जेई ने दोबारा फाल्ट खोजवाया तो पता चला कि कुसुमी के पास जहां से शहर की लाइन अलग होती है वहां पर पानी जाने से इंसुलेंटर खराब हो गया था। किसी तरह से उसको ठीक कराया तब जाकर दोपहर दो बजे के बाद लाइट आई। चौदह घंटे लोग बिना बिजली के रहे उसकी दूसरी प्रमुख वजह जो विभाग के लोग छिपा ले गये।
वह यह थी कि दो दिन से कादीपुर उपकेंद्र की मेन लाइन में कहीं गड़बड़ी थी। जिससे रात में लाइट चली जा रही थी। इस बात को जानते हुए भी शहर के जिम्मेदार कर्मचारी गड़बड़ी करने के बजाए टालमटोल करते रहे। उनकी लापरवाही गुरुवार को बाबागंज और रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ताओं पर भारी पड़ गई। हुआ यूं कि गुरुवार की रात में कादीपुर की लाइन गड़बड़ हुई तो उसका सारा लोड बाबागंज की लाइन पर डाल दिया गया। लोड अधिक होने से बाबागंज की लाइन ब्रेक डाउन में चली गई। इसका खामियाजा शहरियों को भुगतना पड़ा। उनको चौदह घंटे तक बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा।