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लात-घूंसों से पिटाई कर बुजुर्ग महिला को उतारा था मौत के घाट

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जेठवारा के दूल्हेपुर में वृद्ध महिला का अंतिम संस्कार करने को परिजनों को समझाती पुलिस। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
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जेठवारा के दूल्हेपुर में रविवार की रात बुजुर्ग महिला सहदेई की लात घूंसों से पिटाई कर हत्या की गई थी। अंदरूनी चोटों के कारण शरीर के कई अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिसके कारण उसकी मौत हुई थी। जेठवारा पुलिस एक संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। जाम लगाने की आशंका के चलते दूल्हेपुर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। हालांकि, अंतिम संस्कार के लिए शव उठने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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जेठवारा थाना क्षेत्र के दूल्हेपुर गांव कर रहने वाली सहदेई (62) रविवार की रात 11 बजे घर से गायब हो गई थी। सोमवार की सुबह उसका शव घर से करीब दो सौ मीटर दूर गलियारे में मिला था। उसके शरीर के जेवरात भी गायब थे। सिर की चोट दिख रही थी, मगर पेट व सीने पर प्रहार कर अंदरूनी चोट पहुंचाई गई थी। इस मामले में चार बार जेठवारा पुलिस ने तहरीर बदलवाने के बाद मृतका के बेटे अजीत की तहरीर पर गांव के हरीलाल रजक व तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। रात में ही एक संदिग्ध आरोपी को उठाकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया।
सूत्रों के अनुसार, मृतका के पेट व सीने पर लात घूंसों से प्रहार के चलते शरीर के अंदरूनी अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। चोटों के कारण फेफड़ा व लीवर डैमेज हो गया था। मंगलवार को पुलिस के रवैये से आक्रोशित परिजन व ग्रामीण जाम लगाने की तैयारी करने लगे। इस बात की भनक लगते ही जेठवारा थानाध्यक्ष फोर्स लेकर दूल्हेपुर पहुंचे। देखते ही देखते दूसरे थानों की फोर्स बुला ली गई। पूरा गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। परिवार के लोगों को पुलिस ने समझाबुझाकर जल्द ही हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की बात कही। तब जाकर परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाने के लिए तैयार हुए। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा ने बताया कि रात में गायब महिला का फोन किसी महिला ने उठाया था। उस महिला की तलाश की जा रही है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि आरोपी हरीलाल की पत्नी ने ही सहदेई के मोबाइल की काल रिसीव की थी। मगर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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कहीं और हुई थी सहदेई की हत्या
सहदेई की हत्या दूसरी जगह की गई थी। चूंकि जिस गलियारे में उसकी लाश मिली थी। वहां ऐसा कोई क्लू नहीं मिला। जिससे यह साबित होता कि उसी जगह उसकी पिटाई कर मौत के घाट उतारा गया हो। ग्रामीणों के अनुसार सहदेई की दूसरी जगह हत्या करने के बाद शव को गलियारे में लाकर फेंका गया था। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर हत्या की तह तक जाने के लिए प्रयासरत है।
एएसपी व सीओ सदर से भी बड़े हैं जेठवारा थानेदार
छोटी व बड़ी घटनाओं के बारे में मीडिया के सामने सही जानकारी उपलब्ध कराने में न तो पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को दिक्कत होती है और न ही सर्किल आफीसर को। मगर जेठवारा के थानेदार को लूट, छिनेती, हत्या जैसे संगीन वारदातों के बारे में सही जानकारी देना भी गलत लगता है। वह कहते हैं कि इससे पुलिस की गोपनीयता भंग हो जाती है। पुलिस की गोपनीयता उस वक्त भंग नहीं होती। जब लुटेरों, हत्यारोपियों समेत अन्य मामलों के आरोपी के करीबी पुलिस के साथ बैठकर चाय पीते हैं और लेनदेन का प्रकरण को रफा-दफा करने के लिए सौदा करते हैं। शातिर बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मी ऐसे लोगों से सेटिंग करती है। जो पुलिस से ज्यादा बदमाशों की मदद करते नजर आते हैं। सहदेई की हत्या के मामले में जहां एएसपी पश्चिमी और सीओ सदर सही तथ्यों की जानकारी देते रहे। वहीं जेठवारा थानाध्यक्ष की गोपनीयता भंग हो रही थी।
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