Eight thousand golden cards made in ten days
प्रतापगढ़। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में गोल्डन कार्ड बनाने की मुहिम जोर पकड़ने लगी है। हर दिन सभी ब्लॉकों में छह से सात सौ से अधिक कार्ड बनाए जा रहे हैं। पिछले दस दिन में महकमे ने आठ हजार लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए हैं।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारक परिवार के सदस्यों को साल भर में पांच लाख रुपये तक नि:शुल्क इलाज कराने की व्यवस्था है। आयुष्मान के ग्रिवांस मैैनेजर अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में लगभग दस लाख लोगों के गोल्डन कार्ड बनने हैं। इनमें से एक लाख 55 हजार के करीब लोगों के कार्ड निर्गत हो गए हैं। साढ़े सात हजार के करीब लोग आयुष्मान गोल्डन कार्ड पर मुफ्त इलाज भी करवा चुके हैं। इनमें से दो हजार लोगों ने किसी महानगर में जाकर बीमारी का इलाज कराया है। पांच हजार लोगों ने जिले में ही अपना इलाज कराया है।
आयुष्मान के नोडल डीपीसी डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार के आदेश पर 15 से 31 दिसंबर के बीच आयुष्मान गोल्डन कार्ड कैंप का आयोजन जनपद के प्रत्येक ब्लाक के एक गांव में आयुष्मान मित्रों के माध्यम से कराया जा रहा है। दस दिनों के भीतर 8780 लोगों के कार्ड बनाए गए हैं। बीएलई को भी जिम्मेदारी दी गई है। वे गांव में जाकर 30 रुपये शुल्क लेकर गोल्डन कार्ड बना सकते हैं। डॉ. सुधाकर सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत गोल्डन कार्ड विहीन परिवार में कम से कम एक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनवाने पर आशा को पांच रुपये प्रति परिवार की दर से प्रोत्साहन राशि देय है। एक से अधिक सदस्यों का कार्ड बनवाने पर आशा को दस रुपये प्रति परिवार की दर से प्रोत्साहन धनराशि मिलेगी। विशेष अभियान में आशा कार्यकर्ता गोल्डन कार्ड विहीन परिवारों से संपर्क कर उन्हें पास के जनसेवा केंद्र व कैंप में ले जाकर कार्ड बनवा सकती हैं।
शासन के निर्देश पर 15 दिसंबर से चल रहे इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोगों के कार्ड बनवाने के लिए कहा गया है। पिछले दस दिनों में आठ हजार से अधिक कार्ड बन चुके हैं। सर्वर की दिक्कतें आ रही हैं। इसके बाद भी काम चल रहा है। 31 तक कैंप चलेगा। -डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ।