सोमवार को जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही और सीएमओ डॉक्टर एके श्रीवास्तव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी, अमरगढ़ , ढिढुई, अरैला, रानीगंज, गौरा एवं कहला तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखपालनगर एवं ट्रामा सेंटर रानीगंज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डाक्टर, वार्ड ब्वाय समेत आठ कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। बगैर किसी सूचना के गायब डॉक्टर और कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही डीएम ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी में निरीक्षण के दौरान गंदगी मिलने पर असंतोष जताया। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर यदि साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर नहीं होती है तो प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक महेंद्र कुमार का स्थानांतरण किया जाए। और डीसीपीएम की सेवा समाप्त की जाए।
सीएचसी में वरिष्ठ लिपिक ने उपस्थिति पंजिका में अनुपस्थित कर्मियों के नाम के आगे अवकाश अंकित किया था, लेकिन प्रार्थना पत्र मांगने पर नहीं दिखा पाया। जिस पर जिलाधिकारी ने उसका ट्रांसफर करने के लिए कहा। सीएमओ ने तत्काल वरिष्ठ लिपिक का स्थानांतरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांगीपुर में कर दिया।
जिलाधिकारी ने सीएचसी अमरगढ़ के निरीक्षण में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर न होने और बायोमेडिकल वेस्ट का डिस्पोजल न किए जाने पर नामित एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाने और उसके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा। एक सप्ताह में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डॉक्टर एसके सोनी, डॉक्टर एएल यादव, डॉक्टर राधेश्याम, जयदीप वर्मा, केएल विश्वकर्मा वार्ड ब्वाय, सुमित सिंह डीसीपीएम, इकबाल रौशन एसटीएस, आरडी मौर्या अनुपस्थित पाए गए।
सभी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढिढुई एवं अरैला के निरीक्षण में अस्पताल परिसर में गंदगी देख डीएम का पारा आसमान छूने लगा। उन्होंने सीएमओ की क्लास लगानी शुरू कर दी। दो अस्पताल के समस्त कार्मिकों का भुगतान तब तक के लिए रोक दिया गया जब तक साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं हो जाती।