क्षेत्र के कांधरपुर दुबे का पुरवा सुजानगढ़ में दो धूर जमीन के विवाद में सगे भाइयों के बीच आठ दिन पहले जमकर मारपीट हुई। गंभीर रूप से घायल राजेंद्र की बृहस्पतिवार की रात प्रयागराज एसआरएन में उपचार के दौरान मौत हो गई। खबर मिलते ही कोहड़ौर पुलिस ने आननफानन में मृतक की भाभी से दूसरी तहरीर लेकर सगे भाई समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। शुक्रवार को शव पहुंचते पर हंगामा हो गया। पुलिस ने सड़क पर खड़े लोगों को तितर-बितर करने के लिए धक्कामुक्की करने के साथ ही महिलाओं को घसीटकर हटाया।
दयाल दुबे का पुरवा निवासी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरधारी लाल, हरीराम और राजेंद्र कुमार सगे भाई हैं। इनके नाना सुरजू ने अपनी बेटी को अपने घर से कुछ दूर नहर के पास ही रहने के लिए जमीन दे रखा था। नहर के पास कुछ जमीन को लेकर 12 जून की रात गिरधारी लाल का अपने सगे भाइयों से विवाद हो गया। मदद के लिए गिरधारी की बेटी गुड़िया ने दूसरे लोगों को बुला लिया। जिसके बाद उनके बीच जमकर लाठी-डंडे चले। मारपीट में राजेंद्र कुमार (45), उसके भाई राजेंद्र कुमार (48), बेटी पायल (20) गंभीर रूप से घायल हो गई। तीनों को सीएचसी के बाद मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। घायल राजेंद्र को परिजन उपचार के लिए प्रयागराज एसआरएन अस्पताल ले गए। मारपीट की घटना के बाद तहरीर मिलने के बाद भी कोहड़ौर पुलिस ने पीड़ित पक्ष का मुकदमा दर्ज नहीं किया। बल्कि दावा करती रही कि दोनों पक्षों का शांति भंग की आशंका में चालान किया गया है। बृहस्पतिवार की रात राजेंद्र के मौत की खबर मिलने पर कोहड़ौर पुलिस ने मृतक की भाभी सावित्री की तहरीर पर गिरधारी लाल,सोनू ,करन ,गुड़िया ,पंकज यादव निवासी दयाल दुबे का पुरवा व पंकज के रिश्तेदार मोनू यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई। शाम को प्रयागराज से शव आने की भनक लगने पर परिजन संग गांव के लोग कांधरपुर बाजार वाले रास्ते पर खड़े हो गए। एंबुलेंस पहुंचते ही कोहड़ौर थानाध्यक्ष प्रीति कटियार समेत पुलिसकर्मी सड़क पर खड़ी महिलाओं को घसीटकर हटाने लगे। सख्ती करते हुए लोगों को तितर बितर करने के लिए धक्कामुक्की कर रास्ता खाली कराया। पुलिस तेजी से शव वाले एंबुलेंस को लेकर घर की ओर भागी तो पीछे लोग भी दौड़ पड़े। रास्ते में पुलिसकर्मी लोगों की भीड़ को रोकते रहे। जानकारी मिलने पर सीओ सिटी शिवनारायण साहू व अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी दुर्गेश सिंह मौके पर पहुंचे। परिजनों से बातचीत कर कार्रवाई का भरोसा दिया। एएसपी ने बताया कि नामजद आरोपी सगे भाई हरिलाल को हिरासत में लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम लगाई गई है।
कार्रवाई के बजाय थाने से पुलिस ने था भगाया
मृतक राजेंद्र के परिजनों का आरोप है कि मारपीट के बाद वह पुलिस के पास कार्रवाई के लिए फरियाद लेकर पहुंचे। कार्रवाई तो दूर कोहड़ौर पुलिस ने सभी को डांटकर भगा दिया था। पुलिस के रवैये पर लोगों में गुस्सा था।
सदमे में परिजन
मृतक राजेंद्र के दो बेटे व तीन बेटियां हैं। बेटा कंहैया, नन्हकैया, बेटी लक्ष्मी, मन्ना देवी व पायल हैं। जो पिता का शव देख सदमे में दिखीं।
वीडियो बनाने लगे दरोगा तो महिलाओं ने सुनाई खरीखोटी
शव लेकर आ रही एंबुलेंस के इंतजार में खड़ी महिलाओं व परिवार के सदस्यों का दरोगा राम जनम पांडेय वीडियो बनाते हुए कार्रवाई की धमकी देने लगे। यह सुन महिलाओं ने कहा कि मारपीट के बाद जिसे पकड़ना था उसे तो पकड़ नहीं सके, अब उन लोगों पर ही कार्रवाई की बात कर रहे हैं। लोगों से उनकी तीखी बहस भी हुई।