जिला उमरवैश्य समाज सभा की पहल पर चिलबिला में आयोजित 15वें सामूहिक विवाह में सात फेरे लेकर आठ जोड़े एक दूजे के हुए। रीति रिवाज से हुए विवाह के बाद वैवाहिक जोड़ों को उपहार दिए गए। सामूहिक विवाह की बरात का शुरुआत चिलबिला के रामजानकी मंदिर से हुई।
बतौर मुख्य अतिथि सांसद संगमलाल गुप्ता ने दुल्हों को पगड़ी पहनाकर बरात को रवाना किया। कहा,उमरवैश्य समाज ने लोगों को जोड़कर एकता का संदेश दिया है।। बरात में बाजे-गाजे की धुन पर लोग नाचते गाते रहे। बरातियों के लिए जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई थी। बरात रामजानकरी मंदिर से चिलबिला स्टेशन और फिर वहां से हनुमान मंदिर होते हुए चिलबिला मैरेज हॉल पहुंची। पदाधिकारियों ने बरात की अगवानी की।
बरात पहुंचने पर द्वारपूजा और तिलक की रस्म पूरी हुई। विवाह मंडप के नीचे जोड़ों ने सात फेरे लेकर एक दूसरे को वरमाला पहनाई। संरक्षक रोशनलाल उमरवैश्य और अध्यक्ष गुलाबचंद ने अतिअंगवस्त्र और माल्यार्पण कर अतिथियों का स्तागत और उन्हें सम्मानित किया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विवाह स्थल पर पुलिस फोर्स तैनात रही। सामूहिक विवाह में दिल्ली, नागपुर, छत्तीसगढ़, चडीगढ़, गुजरात समेत पास पड़ोसी जनपद के लोग शामिल हुए। इस मौके पर महामंत्री शोभनाथ, कोषाध्यक्ष मदनलाल, संयोजक जवाहरलाल, विनय उमरवैश्य, मक्खनलाल, लोकेश, लक्ष्मीनारायण, शिवप्रसाद, रामजी, पारसनाथ, अनिता देवी, लालता प्रसाद उमरवैश्य, विजय कुमार, गोपाल गुप्ता, अंशिका, अंजू, सुनीता, पूनम उमरवैश्य, रेखा उमरवैश्य, पूजा, अमृतलाल, राजकुमार मौजूद रहे।
रूट किया गया डायवर्ट
सामूहिक विवाह की वजह से चिलबिला में लंबा जाम लगा। पुलिस, चौराहे पर लगे जाम को हटाती रही। वहीं पुलिस विभाग की ओर से रूट डायवर्ट भी किया गया। चिलबिला ओवर ब्रिज से वाहनों को चिलबिला चौकी होते हुए रवाना किया गया। इस बीच चिलबिला ओवर ब्रिज के पास खड़े पुलिसकर्मी वाहनों को दूसरी ओर से भेजते रहे।