यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण
की जिम्मेदारी स्वयं बोर्ड निभाएगा। जिले के सभी कॉलेजों का डाटा आनलाइन
अपलोड होने के बाद बोर्ड कार्यालय में बैठे कर्मचारी छात्र-छात्राओं का
आवंटन भी करेंगे। डीआईओएस को सिर्फ कॉलेजों को ग्रेड देना होगा। जिले
के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण की कवायद
तेज हो गई है। यूपी बोर्ड ने पहली बार परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की
कमान अपनी हाथ में ले ली है। बोर्ड ने कॉलेजों से संबंधित सूचना आनलाइन तलब
करके परीक्षार्थियों को 12 किमी की परिधि में केंद्र बनाने का फैसला किया
है। स्कूलों की स्थिति क्या है, इसके लिए सभी स्कूलों की पांच-पांच फोटो भी
अपलोड करने को कहा है।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो सभी कॉलेजों ने
सूचनाएं अपलोड करा दी है। अब सिर्फ डीआईओएस को कॉलेजों को ग्रेड बांटना है।
डीआईओएस को ग्रेड बांटने के लिए बोर्ड ने तीन श्रेणियां निश्चित की है।
उच्च श्रेणी, मध्यम और सामान्य श्रेणियों में आने वाले कॉलेजों में बोर्ड
के अफसर पहले उच्च श्रेणी और मध्यम श्रेणी को प्राथमिकता देंगे। वैसे भी
जिले में इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या में बढ़ोतरी होने के कारण
केंद्रों की संख्या में भी इजाफा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
बीते वर्ष की परीक्षा में 367 कॉलेजों को केंद्र बनाया था, परीक्षार्थियों
की संख्या बढ़ने के कारण इस वर्ष नए कॉलेजों को भी केंद्र बनने का मौका मिल
सकता है। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण
संबंधी सभी सूचनाएं बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करा दी गई है। जल्द ही
बोर्ड निर्धारण की कार्रवाई प्रारंभ करेगा।