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Pratapgarh News: ईयरफोन और कपड़े मिले, अब परिजनों की टूटने लगी उम्मीद

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हनीमून मनाने सिक्किम गए नवदंपती का मंगलवार को भी सुराग नहीं लगा। उनके ईयरफोन और कुछ कपड़े जरूर मिले हैं। ऐसे में अब परिवार के लोगों की उम्मीद भी टूटने लगी है। उन्हें किसी चमत्कार का इंतजार है।
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उदयपुर थाना क्षेत्र के राहाटीकर निवासी शेर बहादुर सिंह के बेटे कौशलेंद्र प्रताप सिंह (29) की शादी पांच मई को पट्टी कोतवाली के धनगढ़ सराय छिवलहा की रहने वाली अंकिता (26) के साथ हुई थी। दोनों 24 मई को हनीमून मनाने सिक्किम चले गए।
अगले दिन उत्तर सिक्किम के मंगन जिले के चुंगथांग इलाके में घूमने पहुंचे। वहां से 29 मई की रात गंगटोक लौटते समय सैलानियों से भरी गाड़ी भारी 1000 फिट की ऊंचाई से तीस्ता नदी में जा गिरी। जिसमे सवार आठ लोग लापता हो गए। जिसमे कौशलेंद्र व उनकी पत्नी अंकिता शामिल हैं।
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खबर मिलते ही दोनों परिवार पर जैसे वज्रपात हो गया। कौशलेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घटना की जानकारी मिलने के बाद ही कौशलेंद्र के पिता शेर बहादुर सिंह परिवार व रिश्तेदारों के साथ गंगटोक पहुंच गए हैं। अभी तक एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीम 400 से अधिक स्थानों पर खोजबीन कर चुकी है। मंगलवार को जिस स्थान से सैलानियों से भरा वैन नीचे गिरा था। वहीं से मिले ईयरफोन व कुछ कपड़ों की पहचान शेर बहादुर ने की। जिसे देखने के बाद शेर बहादुर की आंखों से आंसू गिरने लगे।
पुलिस अफसर उन्हें व परिजनों को समझाते रहे। छह दिन बाद दोनों का पता न चलने से अब परिवार के लोगों को भी उम्मीद टूटती नजर आ रही है। अब उन लोगों को किसी चमत्कार का ही इंतजार है। दोनों के परिजनों की आंखों के आंसू सूख चुके हैं।


बेटे व बहू की तलाश में शेर बहादुर तीन दिन से गंगटोक से लेकर घटनास्थल तक भागदौड़ कर रहे हैं। मंगलवार को बचाव टीम के हाथ ईयरफोन व कपड़े लगे, जिसे देख शेर बहादुर समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने पहचान लिया। बोले कि जब ईयरफोन व कपड़े मिले तो यही कहीं उनके कलेजे का टुकड़ा होगा। यह कहते हुए वह फफक कर रोने लगे।
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