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दोहरा हत्याकांड : इक्कीस घंटे हाईवे पर लगाया जाम

Thu, 26 Jul 2018 11:33 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
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news - फोटो : pratpgarh
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कोहड़ौर बाजार में बुधवार की रात रंगदारी न देने पर सगे व्यापारी भाइयों को गोलियों से छलनी करने की घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने 21 घंटे तक इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग ठप रखा। रातभर लोग सड़क पर रहे और हंगामा होता रहा। पुलिस प्रशासन के रवैए से नाराज व्यापारियों ने आईजी रमित शर्मा और जिलाधिकारी शंभु कुमार को बैरंग लौटा दिया। गुरुवार शाम करीब पांच बजे बीस-बीस लाख रुपये मुआवजा, शस्त्र लाइसेंस और सुरक्षा के साथ लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के आश्वासन पर लोग शांत हुए। तब जाकर शव अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा सका।
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कोहड़ौर बाजार निवासी सीमेंट व्यापारी श्यामसुंदर जायसवाल व उनके छोटे भाई श्याममूरत जायसवाल को बुधवार की रात आठ बजे दुकान के भीतर घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने गोलियों से भून दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस घटना से जिले भर के व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित व्यापारियों के साथ महिलाओं ने भी इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर बाजार में ही जाम लगा दिया। लोग सीएम को मौके पर बुलाने व हत्यारों की गिरफ्तारी की जिद पर अड़े थे। मृतक व्यापारी श्यामसुंदर की पत्नी गीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। रात में चौक घंटाघर पर हाईवे पर लगे जाम को हटवाने के बाद आईजी रमित शर्मा अस्पताल पहुंचे। इसके बाद सदर विधायक संगमलाल गुप्ता के साथ कोहड़ौर बाजार पहुंचे। जहां आक्रोशित व्यापारियों से आईजी की तीखी झड़प हुई। सदर विधायक को भी लोगों का कोपभाजन बनना पड़ा। जिसके चलते आईजी व सदर विधायक कोहड़ौर थाने चले आए।
गुरुवार की सुबह जिलाधिकारी शंभु कुमार मौके पर पहुंचे। व्यापारी घटना के 12 घंटे बाद आने पर डीएम को खरीखोटी सुनाते हुए सीएम को बुलाने की मांग करने लगे। जिसके बाद वह भी कोहड़ौर थाने पर आकर बैठ गए। सांसद हरिवंश सिंह भी मौके पर संवेदना जताने पहुंचे। आक्रोशित व्यापारियों ने उन्हें भी खूब खरीखोटी सुनाई। दोपहर बाद प्रदेश सरकार के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्हें भी आक्रोशित परिजनों का विरोध झेलना पड़ा। हालांकि बाद में मंत्री मोती सिंह ने परिवार के लोगों को बताया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश लेकर आए हैं। मृतक परिवार को 20-20 लाख रुपये मुआवजा, सुरक्षा के लिए दो शस्त्र लाइसेंस, थाने के पुलिसकर्मियों को हटाने और निलंबित इंस्पेक्टर को बर्खास्त करने के लिए आईजी से कार्रवाई के लिए कहा। इसके बाद व्यापारियों ने हाईवे पर रखे शव को हटाने की तैयारी शुरू की। शाम पांच बजे के बाद जिला प्रशासन की ओर से भेजी गई एंबुलेंस से शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। 21 घंटे बाद जाम समाप्त होने के बाद आवागमन बहाल हो सका।
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माननीयों को सुनाई खरी खोटी
मौके पर पहुंचे मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह, सांसद हरिवंश सिंह और सदर विधायक संगमलाल गुप्ता को व्यापारियों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों ने इन सभी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।

इंस्पेक्टर सस्पेंड
घटना में लापरवाही सामने आने पर डीजीपी ने कोहड़ौर थाने के इंस्पेक्टर को नागेंद्र सिंह नागर को सस्पेंड कर दिया। बवाल की आशंका को देखते हुए अमेठी जिले के अलावा 10 थानों की फोर्स व पीएसी कोहड़ौर बाजार में मुस्तैद रही।

डबल मर्डर के बाद कोहड़ौर में ‘अघोषित कर्फ्यू’
सगे व्यापारी भाइयों की हत्या से आक्रोशित लोगों ने गुरुवार को कोहड़ौर और मदाफरपुर में अपनी दुकानें बंद कर विरोध जताया। बाजार में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात नजर आए। स्कूलों व बैंकों के भी ताले नहीं खुले। चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही। हाईवे पर जाम के कारण दस किमी तक वाहनों के पहिये थमे रहे। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोहड़ौर बाजार निवासी सीमेंट व्यापारी श्यामसुंदर और उनके भाई श्याममूरत जायसवाल की बुधवार को गोली मारकर हत्या करने से आक्रोशित बाजार के लोगों ने गुरुवार की सुबह अपनी दुकानें बंद रखीं। लोग दुकानें बंदकर हाईवे पर लगे जाम में डटे रहे। व्यापारियों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि तमाम शिकायतों के बाद भी पुलिस ने रंगदारी की धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। मदाफरपुर बाजार में भी अध्यक्ष की अगुवाई में दुकानें बंद रहीं। दिन भर दुकानों के बंद रहने से लोग चाय व पान को भी तरस गए। हाईवे पर जाम लगाए जाने के कारण अफसरों के आदेश पर रास्ता पट्टी होकर डायवर्ट किया गया था लेकिन उधर से जाने के लिए भारी और छोटे वाहन चालक तैयार नहीं थे। इससे दोनों ओर दस किमी की दूरी तक वाहन खड़े रहे। सवारी वाहनों से आने वाले लोगों को कुछ दूर तक पैदल ही चलना पड़ा। हालांकि वाहनों को कोहड़ौर की ओर जाने से रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

आठ घंटे तक पोस्टमार्टम, बुलेट खोजने में डाक्टरों को छूटा पसीना
 कोहड़ौर बाजार में गोलियों से छलनी व्यापारियों के शव से बुलेट खोजने में डाक्टरों को आठ घंटे तक पसीना बहाना पड़ा। दो बार एक्सरे होने के बाद भी बुलेट नहीं मिल रही थी। सीएमओ की मौजूदगी में आठ घंटे तक चले पोस्टमार्टम में दोनों भाइयों के शरीर को एक-एक गोली आर-पार हो गई थी। जबकि बड़े भाई के शरीर में एक बुलेट और छोटे भाई के शरीर में दो बुलेट फंसी मिली। एहतियात के तौर एडीएम और एएसपी पश्विमी मर्चरी पर मौजूद रहे।
कोहड़ौर बाजार के रहने वाले सीमेंट व्यापारी श्यामसुंदर और उनके छोटे भाई श्यामसूरत की बुधवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद बदमाश थाने के सामने से भाग निकले थे। व्यापारी भाइयों की मौत के बाद जिला अस्पताल से लेकर कोहड़ौर तक हंगामा होता रहा। गुरुवार को भोर में 4.50 बजे दोनों भाइयों के शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए पुलिस ने मर्चरी में कागजात उपलब्ध कराया। दोनों भाइयों का एक साथ एक्सरे भी कराया गया। श्यामसुंदर के जंघे में एक बुलेट फंसी मिली, जबकि एक गोली पेट से पार हो गई थी। श्याममूरत को तीन गोलियां लगी थीं। जिसमे पेट में लगी गोली पार हो गई थी। एक बुलेट रीढ़ की हड्डी में मिली, दूसरी सीने में। व्यापारी श्यामसुंदर के जंघे में फंसी बुलेट मिल नही रही थी। जिसके चलते दोबारा एक्सरे कराया गया। इसके बाद भी बुलेट मिलने में अड़चन आई। सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव की देखरेख में कई घंटे तक खोजबीन करते हुए जंघे की हड्डी में फंसी बुलेट को निकाला जा सका। जिलाधिकारी के आदेश पर डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। जिसमें डाक्टर मनोज वर्मा और पंकज वर्मा शामिल थे।

आखिर कौन है सद्दाम?
बदमाशों की गोली का शिकार बने कोहड़ौर बाजार के व्यापारी को धमकी देने के मामले में सद्दाम का नाम सामने आया था। वह कौन है, यह किसी को नहीं मालूम। पुलिस भी उसके बारे में कुछ पता नहीं कर सकी है। सीमेंट व्यापारी को जिस नंबर से रंगदारी के लिए धमकी दी गई थी, वह फर्जी आईडी पर हासिल किया गया था। छानबीन में आईडी आजमगढ़ के एक मजदूर की निकली थी।
कोहड़ौर बाजार निवासी सीमेंट व्यापारी श्यामसुंदर के पास तीन माह पहले रंगदारी मांगने के लिए दो दिन फोन आए थे। उसी नंबर से लाखीपुर के प्रधान बड़कऊ को भी धमकी मिली थी। फोन करने वाले ने खुद का नाम सद्दाम बताया था। दूसरे दिन प्रधान के घर पर आधी रात को फायरिंग भी हुई थी।  काल डिटेल निकालने के बाद हकीकत का पता करने के लिए कोहड़ौर पुलिस आजमगढ़ गई थी। जहां छानबीन में सिम एक मजदूर की आईडी का निकला था। दो दिनों तक खोजबीन के बाद पुलिस लौट आई थी। जांच में यह बात भी सामने आई थी कि रंगदारी के लिए धमकी देने में प्रयोग मोबाइल किसी वकील का था। जो चोरी हो गया था। रंगदारी के लिए धमकी देने वाला श्यामसुंदर से पहले पांच लाख और बाद में 20 लाख रुपये की मांग कर रहा था। स्वाट टीम धमकी मिलने वाले प्रधान व दूसरे लोगों से जानकारी लेती रही। मृतक श्यामसुंदर की सास ने बताया कि धमकी देने वाले से बैंक एकाउंट मांगा गया था। उसने सऊदी अरब के बैंक का खाता दिया था। आजमगढ़ से लौटने के बाद कोहड़ौर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेना मुनासिब नहीं समझा।
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