रविवार को लगे मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही खुलकर सामने आई। मंगापुर पीएचसी में सुबह साढ़े 11 बजे तक न डॉक्टर पहुंचे, न फार्मासिस्ट। जगतपुर में आयुष चिकित्सक को ही मरीज देखने पड़े।
मेडिकल कॉलेज तो दूर, सीएचसी के डॉक्टर भी मेले वाले दिन अवकाश पर रहे। जबकि शासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि रविवार को किसी चिकित्सक को अवकाश नहीं मिलेगा।
पीएचसी दुर्गागंज और नरसिंहगढ़ में भी स्थिति खराब : आयुष चिकित्सक डॉ. यूएस विंद खुद इलाज के साथ दवा वितरण करते मिले। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले मेले में 150 मरीज आते थे, लेकिन होम्योपैथ, आयुर्वेद डॉक्टर और फार्मासिस्ट के न होने के कारण मरीजों की संख्या घटकर 30 पहुंच गई। आरोग्य मेला नरसिंहगढ़ की डॉ. वंदना पटेल ने बताया कि उनके यहां होम्योपैथ और आयुर्वेद के डाॅक्टर कभी नहीं आते हैं। फार्मासिस्ट का तबादला प्रयागराज हो गया। मरीजों का खुद इलाज के साथ दवा भी वितरण करना पड़ता है।