जिले में दस रुपये का सिक्का बंद होेने की अफवाह के चलते दुकानदारों ने लेने से हाथ खड़ा कर दिया है। इससे ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदार इन सिक्कों को देखते ही सामान देने से मना कर देते हैं। दस का सिक्का नहीं लेने का स्पष्ट कारण भी नहीं बताते हैं, इससे ग्राहकों से झड़प भी हो रही है।
जिले में इन दिनों दस रुपये के सिक्कों को बंद होने की अफवाह चरम पर है। आलम यह है कि छोटे और बड़े दुकानदार दस रुपये का सिक्का लेने को तैयार ही नहीं हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में दुकानदार और ग्राहकों के बीच मारपीट की नौबत आ जाती है। मंगलवार को बाबागंज में एक पान के दुकानदार और कर्मचारी के बीच मारपीट की नौबत आ गई।
कर्मचारी ग्राहक का कहना था कि सिक्का बंद करने का आदेश कब और कहां आया। दुकानदार जबाब में सिर्फ इतना कह रहा था कि वह दस रुपये का सिक्का नहीं लेगा। ग्रामीण इलाकों यह अफवाह कुछ अधिक है।
बैंक कर्मियों की मानें तो भारतीय रिजर्व बैंक ने इस तरह का कोई आदेश नहीं जारी किया है। और न ही अभी तक दस रुपये का नकली सिक्का प्रकाश में आया है। हालांकि पांच सौ और एक हजार रुपये के नकली नोट प्राय: देखने को मिलते हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के चीफ मैनेजर एसएन दुबे ने बताया कि रिजर्व बैंक की ओर से दस रुपये का सिक्का बंद करने का कोई आदेश नहीं जारी हुआ है। उन्होंने इसे एक अफवाह बताते हुए लोगों को समझदारी से काम लेने को कहा है।