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नहीं हुआ कोरोना का प्रचार-प्रसार, खत्म हो गए दस लाख

Thu, 26 Mar 2020 11:59 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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DM went around and took stock, CMO's class on arbitrary - फोटो : PRATAPGARH
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देश में महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए भले ही शासन ने स्वास्थ्य विभाग को बीस लाख रुपये का बजट दिया है, मगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो सैनिटाइजर और मॉस्क वितरित किया गया और न ही कहीं प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग और बैनर लगवाया गया। शासन की ओर से मिले बजट को जिम्मेदार बंदरबांट करने में जुट गए हैं।
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चीन के बाद अब भारत में महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए योगी सरकार ने बीस लाख रुपये का बजट स्वास्थ्य विभाग को दिया था। इस बजट से जनजागरूकता और सार्वजनिक स्थल जैसे बस स्टैंड पर चार होर्डिंग या फिर बैनर, सरकारी अस्पतालों के गेटों पर दो-दो बैनर और होर्डिंग के साथ पोस्टर लगवाने व पंफलेट वितरण कराने का आदेश दिया है।
विभाग के सूत्र बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से महज चार लाख रुपये का बजट खत्म किया गया और दस लाख का बिल तैयार कर शासन को भेज दिया गया। दस लाख रुपये को अभी दबाकर रखा गया है।
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जबकि जिले में न तो कोरोना वायरस से बचाव बीमारी के लक्षण, बचाव आदि का पंफलेट कहीं वितरण किया गया और न ही होर्डिंग लगवाई गई। इतना ही नहीं सीएमओ अपने कर्मचारियों और डॉक्टरों तक को मॉस्क तक नहीं मुहैया करा सके। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी बगैर मॉस्क के कोरोना के संदिग्ध मरीजों तक जाकर उनकी जांच और इलाज कर रहे हैं।

शासन की ओर से मिले बजट से होर्डिंग ओर पोस्टर तैयार करवाकर उसे सार्वजनिकस्थल पर लगवा दिया गया है। पंफलेट वितरित किया जा रहा है। चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्य कर्मचारियों को संपूर्ण व्यवस्था से लैस कर दिया गया है। पंफलेट और होर्डिंग के साथ बैनर छपवाने के लिए आर्डर दिया गया है। बंदी के चलते नहीं छप पा रहा है। डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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