जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को पेयजल टंकियों का निर्माण कराया गया लेकिन अधिकांश टंकियां निर्माणाधीन होने के चलते ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। समाचार को 22 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर का संज्ञान लेकर डीएम शिव सहाय अवस्थी सख्त रुख अपनाया है।
डीएम ने कहा कि निर्माता कंपनी मेसर्स जेएमसी एवं पावरटेक द्वारा अब तक किए गए कार्यों की जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित की जाए। यदि किसी परियोजना में कार्य न होने की स्थिति पाई जाती है तो संबंधित फर्म को नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा जाए।
संतोषजनक उत्तर न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराते हुए कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा को दिया। डीएम ने कहा कि यदि जल निगम के अधिशासी अभियंता द्वारा एक माह के भीतर निर्माता कंपनियों की जांच पूरी नहीं की जाती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।