नगर पालिका सीमा विस्तार के साथ ही नगर पंचायतों के गठन के बाद जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायतों का इलाका बदल जाएगा। इसके लिए नगरीय निकाय चुनाव कार्यालय ने कवायद तेज कर दी है। सबसे अधिक सदर, शिवगढ़, मंगरौरा और गौरा विकासखंड प्रभावित हो रहा है।
जिले में पिछले साल हुए परिसीमन के बाद जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 61 हो गई थी। इसके पहले यह संख्या कम थी। वर्ष 2019 के अंतिम दिन प्रदेश सरकार ने नगर पालिका की सीमा विस्तार पर मुहर लगा दी। पृथ्वीगंज, कोहड़ौर, सुवंसा नए नगर पंचायत बने तो वहीं रानीगंज व अंतू का सीमा विस्तार भी हुआ।
जिले की 36 ग्राम सभा नगर पालिका व नगर पंचायतों में शामिल कर ली गईं। इसी साल के आखिरी माह में प्रस्तावित पंचायत चुनाव को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) द्वारा डीपीआरओ को पत्र भेजकर नगर पालिका व नगर पंचायतों में शामिल गांवों के नाम व उनके क्षेत्र की जानकारी मांगी गई है।
ताकि वह उन्हीं गांवों में बीएलओ व सुपरवाइजर तैनात कर मतदाता पुनरीक्षण सूची के लिए सामग्री व्यवस्था का इंतजाम कर सकें। नगर पालिका व नगर पंचायतों में 36 गांवों के शामिल होने का असर जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य के पदों पर पड़ेगा। सबसे अधिक सदर विकासखंड के गांव नगर पालिका और पृथ्वीगंज नगर पंचायत में शामिल हुए हैं। गांव कट जाने से अब नए सिरे से जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य के वार्ड में हेरफेर होना तय माना जा रहा है।
जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या पर भी असर पड़ेगा। गौरा विकासखंड, मंगरौरा में पूरा तो शिवगढ़ और संडवाचंद्रिका विकासखंड के इलाकों में आंशिक असर पडने की संभावना है। जिला निर्वाचन अधिकारी नगरीय निकाय व पंचायत एसके बर्नवाल ने बताया कि जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर गांवों की संख्या स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया है, ताकि बीएलओ की तैनाती समय से हो सके।
नए सिरे से करना पड़ सकता है परिसीमन
नगर पालिका सीमा विस्तार व नई नगर पंचायतों के गठन के बाद 36 गांवों को शामिल गिया है। अब नए सिरे से जिला पंचायत सदस्य व बीडीसी सदस्यों के वार्डों के गठन के लिए परिसीमन होगा। फिलहाल अभी अफसरों को शासनादेश का इंतजार है।